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बहिबल गोलीकांड: सामने आए सात गवाह, किसी भी दबाव से किया इनकार, बोले- ढीली कार्रवाई

Wed, 05 Feb 2020 10:55 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट(पंजाब)
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बहिबल गोलीकांड मामले में गवाह - फोटो : अमर उजाला
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बहिबल गोलीकांड केस के गवाह सुरजीत सिंह की मौत के मामले में मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ और फरीदकोट से विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों पर गवाही मुकरने का दबाव बनाए जाने के आरोपों के बीच केस से जुड़े 7 गवाह सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन पर पंजाब सरकार या किसी भी राजनीतिक पार्टी या आरोपी पक्ष का कोई दबाव नहीं है। गवाहों ने मामले में आरोपियों पर ढीली कार्रवाई के लिए कैप्टन सरकार की भी निंदा की।
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जानकारी के अनुसार बहिबल गोलीकांड मामले के गवाह सुरजीत सिंह की 15 जनवरी को हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। सुरजीत के परिवार का आरोप है कि उन पर गवाही मुकरने का दबाव बनाया जा रहा था और दबाव बनाने वालों को मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ और फरीदकोट के विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों की शह थी।

सुरजीत सिंह की पत्नी जसवीर कौर के मंत्री कांगड़ व विधायक ढिल्लों समेत बरगाड़ी पुलिस के दो मुलाजिमों, पावरकाम के तीन अधिकारियों समेत अपने ही गांव के तीन व्यक्तियों के खिलाफ थाना बाजाखाना पुलिस को नई लिखित शिकायत सौंपने के एक दिन बाद मंगलवार को केस के 7 गवाह सामने आए।
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गांव बहिबल कलां के हाकम सिंह फौजी, अंग्रेज सिंह, गुरदित्त सिंह, बर्मा सिंह, डॉ. गुरप्रीत सिंह, गांव गुरुसर के बलकरण सिंह व रणजीत सिंह ने आफिसर क्लब में प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि सुरजीत सिंह की मौत का सभी को बेहद अफसोस है लेकिन उनकी मौत से केस प्रभावित नहीं होगा।

इस केस में सुरजीत सिंह अकेला मुख्य गवाह नहीं था बल्कि उनके जैसे कुल 23 प्रत्यक्षदर्शी गवाह हैं। उनकी गवाही भी सुरजीत सिंह की तरह काफी अहम है। गवाही से मुकरने के लिए उन पर न तो पंजाब सरकार का दबाव है और न ही किसी राजनीतिक पार्टी का नेता या आरोपी पक्ष दबाव डाल रहा है।
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सुरजीत का गांव के ही लोगों से था निजी विवाद

उन्होंने यह भी दावा किया कि सुरजीत सिंह का गांव के ही लोगों के साथ निजी विवाद था। साथ ही पावरकाम की छापेमारी भी अकेले सुरजीत सिंह के घर पर नहीं हुई थी बल्कि गांव के कई घरों पर हुई थी और सभी पर जुर्माने लगाए गए थे।

उन्होंने कहा कि सुरजीत सिंह की मौत के मामले को लेकर बिना वजह राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि गोलीकांड मामले के कारण उनका गांव पहले ही काफी संताप भोग चुका है और अब एक फिर सुरजीत सिंह की मौत के बाद मामले को हवा देकर माहौल बिगाड़ने की साजिश रची जा रही है।

हवाई फायरिंग आरोपियों ने दायर की जमानत याचिका
बहिबल गोलीकांड के गवाह सुरजीत सिंह की पत्नी के बयान पर हवाई फायरिंग करने के आरोप में नामजद तीन में से दो आरोपियों जगदीप सिंह व लवप्रीत सिंह ने जिला अदालत के पास अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। उनकी इस याचिका पर अतिरिक्त जिला व सेशन जज की अदालत में 10 फरवरी को सुनवाई होगी।

दर्ज केस में गांव के ही कांग्रेसी नेता मनजिंदर सिंह, उसके भाई जगदीप सिंह व एक अन्य लवप्रीत सिंह पर आरोप है कि 2018 के दौरान सुरजीत सिंह के घर के ऊपर से हाई वोल्टेज सप्लाई लाइन निकालने और ट्रांसफार्मर रखने को लेकर उनकी सुरजीत सिंह के परिवार के साथ कहासुनी हुई थी।

इसके बाद पिछले साल ही 15 नवंबर और 18 दिसंबर को मनजिंदर सिंह ने सुरजीत सिंह के परिवार को डराने की मंशा से अपने घर पर हवाई फायर किए जिसके संबंध में पुलिस के पास शिकायत देने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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