बहिबल गोलीकांड केस के गवाह सुरजीत सिंह की मौत के मामले में मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ और फरीदकोट से विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों पर गवाही मुकरने का दबाव बनाए जाने के आरोपों के बीच केस से जुड़े 7 गवाह सामने आए हैं। उन्होंने दावा किया है कि उन पर पंजाब सरकार या किसी भी राजनीतिक पार्टी या आरोपी पक्ष का कोई दबाव नहीं है। गवाहों ने मामले में आरोपियों पर ढीली कार्रवाई के लिए कैप्टन सरकार की भी निंदा की।
जानकारी के अनुसार बहिबल गोलीकांड मामले के गवाह सुरजीत सिंह की 15 जनवरी को हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। सुरजीत के परिवार का आरोप है कि उन पर गवाही मुकरने का दबाव बनाया जा रहा था और दबाव बनाने वालों को मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ और फरीदकोट के विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों की शह थी।
सुरजीत सिंह की पत्नी जसवीर कौर के मंत्री कांगड़ व विधायक ढिल्लों समेत बरगाड़ी पुलिस के दो मुलाजिमों, पावरकाम के तीन अधिकारियों समेत अपने ही गांव के तीन व्यक्तियों के खिलाफ थाना बाजाखाना पुलिस को नई लिखित शिकायत सौंपने के एक दिन बाद मंगलवार को केस के 7 गवाह सामने आए।
गांव बहिबल कलां के हाकम सिंह फौजी, अंग्रेज सिंह, गुरदित्त सिंह, बर्मा सिंह, डॉ. गुरप्रीत सिंह, गांव गुरुसर के बलकरण सिंह व रणजीत सिंह ने आफिसर क्लब में प्रेस कांफ्रेंस करके कहा कि सुरजीत सिंह की मौत का सभी को बेहद अफसोस है लेकिन उनकी मौत से केस प्रभावित नहीं होगा।
इस केस में सुरजीत सिंह अकेला मुख्य गवाह नहीं था बल्कि उनके जैसे कुल 23 प्रत्यक्षदर्शी गवाह हैं। उनकी गवाही भी सुरजीत सिंह की तरह काफी अहम है। गवाही से मुकरने के लिए उन पर न तो पंजाब सरकार का दबाव है और न ही किसी राजनीतिक पार्टी का नेता या आरोपी पक्ष दबाव डाल रहा है।