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नए-पुराने नौकर ने ही ली थी जान

Fri, 24 Jan 2014 10:10 PM IST
अमर उजाला, जालंधर
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स्थानीय कमिशनरेट पुलिस की टीम ने बुजुर्ग महिला की हत्या के मामले का भंडाफोड़ कर दो आरोपियों को काबू कर लिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड का तानाबाना घर में रहने वाले नौकर ने ही पुराने नौकर के साथ मिलकर बुना था। पुलिस ने लूट की राशि को भी बरामद कर लिया है।
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डीसीपी राहुल एस, एसीपी मॉडल टाउन मनप्रीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि 21 जनवरी सुबह बस स्टैंड के पास ग्रीन पार्क में 80 साल की बुजुर्ग महिला रक्षा नैयर का खून से लथपथ शव मिला था। हत्या की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय टीम का गठन एसीपी मनप्रीत सिंह ढिल्लों की अध्यक्षता में किया गया था। डीसीपी राहुल एस ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली, जिसकी बिनाह पर सुरेश कुमार पुत्र राम जिआवन निवासी गांव हाजीपुर थाना डी जिला रायबरेली, यूपी और राम सुख पुत्र सुच्छा निवासी गांव हाजीपुर थाना डी जिला रायबरेली के रूप में हुई। दोनों के पास से पुलिस को 36 हजार की नकदी और 20 हजार का नया मोबाइल फोन मिला।



डीसीपी राहुल एस ने बताया कि पुलिस ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने नैयर हत्याकांड की परतें खोल दी। एसीपी ढिल्लो ने बताया कि सुरेश कुमार रक्षा नैय्यर की कोठी में ही नौकर था। वह पेंटर का काम करता था लेकिन उसकी पत्नी सीमा घर का काम करती थी। जबकि रामसुख उर्फ दलीप जालंधर के गुरुनानकपुरा मोहल्ला में रहता है और वह काफी समय पहले रक्षा नैयर के घर पर नौकर था। उसने घर में चोरी कर ली थी, जिसके बाद उसको गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। उसको मामले में सजा हो गई थी और वह सजा पूरी करने के बाद बाहर आ गया था।
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एसीपी मनप्रीत सिंह ढिल्लो ने बताया कि सुरेश कुमार व रामसुख दोनों एक ही गांव के रहने वाले हैं और पुराने परिचित हैं। रामसुख व सुरेश ने आपस में मिलकर कोठी में चोरी की योजना बनाई। दोनों को यकीन था कि रक्षा नैयर के पास काफी पैसा है क्योंकि उसका बेटा अमेरिका में है। 20 जनवरी की रात को सुरेश ने मुख्य द्वार खोलकर रामसुख को अंदर बुला लिया और बाहर बने बाथरूम में छिपा दिया।



रात को साढ़े आठ बजे रक्षा नैयर जब बाथरूम गई तो सुरेश ने रामसुख को कोठी के अंदर एंट्री करवाई और उसको छत पर बैठा दिया। रात को रक्षा नैयर ने अपने बेटे से अमेरिका बात की और सो गई। रात को साढ़े 12 बजे रामसुख ने कोठी का अंदर का दरवाजा खोला और सुरेश को बुला लिया।


दोनों ने छत पर जाकर एक हॉकी और नीले रंग का अटैची उठाई और नीचे आ गए। दोनों जैसे ही घर के भीतर अलमारी खोलकर तलाशी लेने लगे, रक्षा की नींद खुल गई। सुरेश ने उस पर हॉकी से प्रहार कर दिया। सिर पर चोट लगने से वह ढेर हो गई। खून देखकर दलीप को घबराहट हो गई, उसने बाथरूम में जाकर उल्टी की और बाद में उसने ड्राइंग रूम में भी उल्टी की। सुरेश ने देखा कि दलीप की हालत बिगड़ गई तो उसने फ्रीजर से दूध निकालकर चाय बनाई और दलीप को नार्मल किया।


बाद में दोनों ने अलमारी से नकदी निकाली और बाहर आकर सुरेश के कमरे में रुक गए। रात को ढाई बजे सुरेश ने रामसुख को दीवार फांदकर बाहर निकाला और रामसुख अटैची रिक्शा पर रखकर गुरुनानकपुरा चला आया। रामसुख ने उसी दिन लूट के पैसों से 20 हजार का मोबाइल और 4200 रुपये का डेक खरीदा। जबकि 36 हजार की नकदी उसके पास ही थी।
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