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Jalandhar: सिविल अस्पताल की डॉक्टर पर MLR काटने के एवज में पैसे लेने का आरोप, सिख संगठनों ने किया हंगामा

Fri, 30 Jun 2023 03:15 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)

सार

सिख संगठन तरना दल के बाबा लखबीर सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें महिला डॉक्टर के खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं। उनके पास आने वाले व्यक्ति को चाहे जितनी मर्जी गंभीर चोट लगी हों और 307 का पर्चा ही क्यों न बन रहा हो, लेकिन वह 23 का पर्चा बनाकर मामला खत्म कर देती है।
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जालंधर सिविल अस्पताल में हंगामा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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जालंधर सिविल अस्पताल की एक डॉक्टर पर एमएलआर काटने के एवज में पैसे लेने का आरोप लगा कुछ सिख जत्थेबंदियों ने शुक्रवार को हंगामा कर दिया। सिविल अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बाहर हंगामा करते हुए इन जत्थेबंदियों ने डॉक्टर पर रिश्वत लेने के आरोप लगाए हैं। 

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सिख संगठन तरना दल के बाबा लखबीर सिंह ने आरोप लगाया कि उन्हें डॉ. हरलीन कौर के खिलाफ कई शिकायतें मिली थीं। उनके पास आने वाले व्यक्ति को चाहे जितनी मर्जी गंभीर चोट लगी हों और 307 का पर्चा ही क्यों न बन रहा हो, लेकिन वह 323 का पर्चा बनाकर मामला खत्म कर देती है। अगर इन्हें पीड़ित परिवार से पैसे मिल जाए तो 23 के पर्चे को 307 में तब्दील कर देती है। 

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उन्होंने कहा कि हमारे एक साथी बलविंदर पर कुछ अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया था। हमले में उसको काफी गंभीर चोटें आई और उसके सिर पर भी हथियारों से कट लगे थे। जब उसको सिविल अस्पताल में लाया गया तो इस डॉक्टर ने मात्र 23 का पर्चा बनाकर मामला निपटा दिया। दूसरा मामला रामा मंडी का था, जिसमें एक व्यक्ति के सिर पर हथियार से हमला किया गया था, उसमें भी इस डॉक्टर ने मात्र 23 का पर्चा बना दिया। विरोध पर बोर्ड की मीटिंग हुई, तब जाकर इस मामले में 307 का पर्चा बनाया गया। ऐसे ओर भी कईं मामले हैं, जिसकी शिकायतें उनके पास आई हुई हैं। 

उन्होंने कहा कि सीएम मान कह रहे हैं कि पंजाब में अब ईमानदार सरकार है, लेकिन इन जैसे डॉक्टर की वजह से सरकार पर भी सवाल उठते हैं कि सरकार क्या कर रही है। उन्होंने कहा कि यह डॉक्टर अगर सिविल सर्जन की पद पर तैनात कर दी गई तो यह लोगों से पर्चा कटवाने का महीना लेना शुरू कर देगी। उन्होंने कहा कि हमारी सिविल सर्जन के साथ मीटिंग रखी गई है। हम इस मीटिंग में डॉक्टर पर कार्रवाई करवा कर ही दम लेंगे। एक डॉक्टर सस्पेंड होगा तभी बाकी सभी डॉक्टर ऐसा कोई भी काम करने से गुरेज करेंगे। वहीं आरोपों को लेकर डॉ. हरलीन कौर का कोई बयान सामने नहीं आया है।
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वहीं इस मामले में एमएस गीता का कहना है कि डॉ. हरलीन कौर पर लगे आरोप के बाद एक बोर्ड का गठन किया गया है। यह बोर्ड इस मामले की जांच कर रहा है। आज इस मामले में बोर्ड ने डॉ. हरलीन कौर को तलब किया था। हरलीन कौर ने अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि उन्होंने कोई रिश्वत नहीं ली, बल्कि उन्होंने मौके पर मरीज की स्थिति व चोटें देखकर ही सभी रिपोर्ट बनाई हैं। उन पर 323 के मामले को 307 का बनाने के लिए दबाव डाला जाता है, लेकिन यह डॉक्टर को देखना होता है कि यह मामला 323, 326 का है या फिर 307 का है। एमएस गीता का कहना है कि बोर्ड फिलहाल इस मामले की जांच कर रहा है। इस मामले में दूसरे पक्ष को बुला कर उनकी बात भी सुनी जाएगी, जिसके बाद बोर्ड अपना फैसला सुनाएगा। अगर कोई दोषी पाया गया तो कार्रवाई जरूर होगी।

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