फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एलपीयू हिंसा का सबसे बड़ा सवाल अनसुलझा: जिसके दुष्कर्म का आरोप, वो बोली-मैं सेफ हूं; फिर क्यों भड़का बवाल

Thu, 01 Oct 2026 02:06 PM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर

सार

एलपीयू में 26 सितंबर की रात को भड़की हिंसा का सबसे बड़ा सवाल अब भी अनसुलझा है। जिसके दुष्कर्म की खबर पर छात्रों ने तोड़फोड़ और आगजनी की थी, वो छात्रा ने वीडियो में कहा है कि मैं सुरक्षित हूं। ऐसे में पुलिस के सामने बड़ा सवाल ये है कि आखिर मामले में पीड़िता काैन है। 
विज्ञापन
एलपीयू हिंसा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फगवाड़ा की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में कथित दुष्कर्म की खबर के बाद भड़की हिंसा के बीच अब मामले में नया सवाल खड़ा हो गया है।

विज्ञापन


सोशल मीडिया पर जिस छात्रा को कथित पीड़िता बताया जा रहा था, मंगलवार को उसी का वीडियो सामने आया। छात्रा ने अपना रोल नंबर बताते हुए कहा कि वह पूरी तरह सुरक्षित है और उसके साथ कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। उसने बताया कि परिसर में विरोध-प्रदर्शन देखकर वह घबरा गई थी और रिश्तेदारों के साथ घर चली गई। हालांकि, वीडियो में उसने यह स्पष्ट नहीं किया कि वह किस विश्वविद्यालय की छात्रा है।

इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कथित दुष्कर्म की शिकायत किस छात्रा ने की और घटना वास्तव में किसके साथ हुई। पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने अभी तक कथित पीड़िता की पहचान सार्वजनिक नहीं की है।
विज्ञापन


इसी बीच सोशल मीडिया पर एक कथित सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हो रहा है। इसमें एक महिला के साथ पीले रंग की जैकेट पहने दो लोग जाते दिखाई दे रहे हैं। प्रदर्शनकारी छात्रों का दावा है कि फुटेज जी-3 छात्रावास का है और दोनों लोग एक वार्डन के साथ कमरे की ओर जा रहे हैं। छात्रों का यह भी दावा है कि इसी कमरे में कथित पीड़िता के होने की बात कही जा रही थी। हालांकि, पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने फुटेज की लोकेशन, उसमें दिख रहे लोगों और कथित घटना से उसके संबंध की पुष्टि नहीं की है।

शुरुआत में पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन ने दुष्कर्म की खबर को अफवाह बताया था। बाद में छात्राओं के बयानों के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर विशेष जांच दल गठित किया गया। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज, सोशल मीडिया वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
विज्ञापन


मामले की गंभीरता इसलिए बढ़ गई क्योंकि कथित घटना की खबर फैलने के बाद 26-27 सितंबर को एलपीयू परिसर में हिंसा, तोड़फोड़, आगजनी और राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने की घटनाएं हुईं। इन मामलों में पुलिस ने अलग से एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें