लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में हुए बवाल, तोड़फोड़, आगजनी और लूटपाट के मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पूरे प्रकरण में अब तक कुल चार मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। इनमें एक मामला कथित दुष्कर्म की शिकायत से जुड़ा है, जबकि तीन मुकदमे हिंसा, तोड़फोड़, लूटपाट, पुलिसकर्मियों पर हमले और राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित करने से संबंधित हैं। सभी मामलों में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
तोड़फोड़ और हंगामे के मामले में फगवाड़ा पुलिस ने एलपीयू के छात्र साहिल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार वह मूल रूप से महाराष्ट्र का रहने वाला है और एलपीयू में पढ़ रहा है। जांच में सामने आया कि हंगामे के दौरान साहिल के हाथ में रॉड थी और वह रॉड घुमाकर परिसर में तोड़फोड़ कर रहा था। पुलिस ने उस पर लूटपाट की कोशिश में शामिल होने का आरोप भी लगाया है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल अन्य छात्रों और बाहरी लोगों की पहचान में जुटी है।
फगवाड़ा के सदर थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 106 में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, 132, 221, 326 और 324 के तहत कार्रवाई की गई है। दूसरी एफआईआर नंबर 105 में धारा 285 तथा राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम की संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। इसके अलावा सतनामपुरा थाने में दर्ज एफआईआर नंबर 163 में धारा 326, 324 और 309 के साथ सार्वजनिक एवं निजी संपत्ति को नुकसान से बचाव संबंधी कानून की धाराएं शामिल की गई हैं। पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए फगवाड़ा के एसपी मेजर सिंह की अध्यक्षता में आठ सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया गया है।
एसआईटी ने विश्वविद्यालय परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटाकर उसकी जांच शुरू कर दी है। इस बीच सामने आए कई सीसीटीवी फुटेज पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर रहे हैं। कई फुटेज में ऐसे लोगों के चेहरे बिल्कुल साफ दिखाई दे रहे हैं, जिन्होंने चेहरे नहीं ढके थे। कोई लैपटॉप उठाकर जाता नजर आ रहा है तो कोई टी-शर्टें खंगालता दिखाई दे रहा है। कुछ लोग हेडफोन और अन्य सामान लेकर जाते हुए भी कैमरे में कैद हुए हैं, जबकि कई जगह ताले तोड़ने की घटनाएं भी फुटेज में दर्ज हैं। दूसरी ओर कुछ लोग चेहरा ढके हुए भी दिखाई दे रहे हैं।
पुलिस का कहना है कि फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है तथा किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने से पहले उसकी भूमिका की पुष्टि की जाएगी।
एसपी मेजर सिंह ने कहा कि पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जैसे-जैसे साक्ष्य सामने आ रहे हैं, उसी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तोड़फोड़ और लूटपाट करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जांच में जिसकी भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब घटनास्थल पर हुई हिंसा से आगे बढ़कर पूरे घटनाक्रम में शामिल रहे लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
पुलिस के मुताबिक सदर थाने की एफआईआर नंबर 106 में हत्या के प्रयास, लोक सेवक पर हमला और सरकारी काम में बाधा जैसी धाराएं लगाई गई हैं। एफआईआर नंबर 105 में सार्वजनिक रास्ते में बाधा और राष्ट्रीय राजमार्ग से संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई हुई है। सतनामपुरा थाने की एफआईआर नंबर 163 में तोड़फोड़ और लूटपाट से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं, जबकि चौथा मुकदमा कथित दुष्कर्म की शिकायत से संबंधित है। चारों मामलों को लेकर पुलिस अलग-अलग कोणों से जांच कर रही है और एसआईटी का दायरा बढ़ाते हुए उपलब्ध साक्ष्यों को जोड़ा जा रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है और दोषियों की पहचान होने के बाद उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।