पंजाब सफाई मजदूर फेडरेशन और फायर ब्रिगेड यूनियन के सदस्यों ने सुबह 11 बजे दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे पर धरना लगाते हुए पीएपी चौक जाम कर दिया। जाम के कारण 2 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। पीएपी चौक जाम होने से शहर वासियों के साथ लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोग भी परेशान हो रहे हैं।
वहीं जैसे ही हाईवे जाम की सूचना पुलिस अधिकारियों को मिली तो वे तत्काल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिशें शुरू कर दी गई लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। मांगों को लेकर पंजाब सफाई मजदूर फेडरेशन के प्रधान चंदन ग्रेवाल की अगुवाई में चल रहे धरने में सड़क पर बैठे प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार उन्हें पक्का नहीं कर रही है। उनकी मांगे लंबे समय से लंबित हैं। धरना प्रदर्शन करने पर हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता है, हर बार मीटिंग के बाद ढुलमुल रवैया अपना कर प्रशासन उन्हें दरकिनार कर देता है। धरना खत्म होने के बाद न कोई अधिकारी उनसे बात करता है न ही कोई नेता उनके पास आता है। एक हफ्ते पहले भी सरकार को चेतावनी दी गई थी अगर सरकार उनकी मांगें पूरी करने को लेकर संजीदा होती तो आज यह स्थिति उत्पन्न ही नहीं होती।
फायर ब्रिगेड के कर्मचारी बीर दविंदर सिंह ने कहा कि वह कच्चे कर्मचारी हैं। जब भी कहीं आगजनी की घटना होती है तो उन्हें नहीं पता होता कि वे जिंदा लौटेंगे या नहीं। इतना रिस्क होने के बावजूद सरकार उन्हें पक्का नहीं कर रही है।
नौकरी से निकालने की दे रहे धमकी
फायर कर्मचारी दीपक ने कहा कि वह पिछले 14 साल से नौकरी कर रहा है। पिछली सरकारों ने उनके बाद लगे कर्मचारियों को भी पक्का कर दिया। जो लोग पहले से काम कर रहे हैं उन्हें पक्का किया जाए। उसके बाद नए कर्मचारियों को रखा जाए। जब मांगें पूरी करने को लेकर धरने की बात कही तो उन्हें धमकियां मिल रही है कि नौकरी से निकाल दिया जाएगा।