पंजाब शिक्षा विभाग ने फैसला किया है कि राज्य के लड़कियों के हाई, मिडिल और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में अब पढ़ाने के लिए पुरुष अध्यापकों को नियुक्त नहीं किया जाएगा।
लड़कियों के स्कूलों में पढ़ा रहे पुरुष अध्यापकों के स्थान पर महिला टीचरों की तैनाती के लिए विभाग ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को उस पुरुष टीचरों की सूची भेजने को कहा है, जो इस समय लड़कियों के स्कूलों में तैनात हैं। जिला स्तर पर यह सूचियां तैयार की जाने लगी हैं।
सूत्रों के अनुसार, राज्य सरकार ने यह फैसला लड़कियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है। लड़कियों की तरफ से आ रही शिकायतें भी सरकार के इस बदलाव का मुख्य कारण हैं।
डीपीआई कमल गर्ग ने डीईओ को पत्र भेजकर जानकारी मांगी है कि उनके जिले में कितने लड़कियों के स्कूल हैं और उन स्कूलों में कितने पुरुष अध्यापक पढ़ा रहे हैं और उन पुरुष अध्यापकों के बदले किन महिला अध्यापकों को उन स्कूलों में तैनात किया जा रहा है।
जालंधर जिले में 116 टीचरों के बदले जाएंगे स्कूल
जिला शिक्षा विभाग (सेकेंडरी) नीलम कुमारी ने जो लिस्ट तैयार कर शिक्षा विभाग को भेजी है, उसके मुताबिक 116 पुरुष अध्यापकों को बदला जा रहा है।
डीईओ को नहीं मिल रहीं महिला टीचर
सरकार के आदेशों ने जिला शिक्षा अधिकारियों के लिए परेशानी खड़ी कर दी है। हालात ऐसे हैं कि जिलों से जितने अध्यापकों का तबादला किया जा रहा है, उनके बदले में अधिकारियों को महिला अध्यापक ही नहीं मिल रही हैं।
खास परेशानी अंग्रेजी, साइंस व गणित विषय में आ रही है। जालंधर में ही जिला शिक्षा अधिकारी 116 पुरुष अध्यापकों के बदले महज 69 महिला अध्यापकों की लिस्ट तैयार कर पाई हैं।
प्राइमरी स्कूलों में भी इन नियमों को लागू करने की तैयारी
शिक्षा विभाग से पता चला है कि पहले चरण में लड़कियों के सेकेंडरी, हाई व मिडिल स्कूलों से ही पुरुष अध्यापकों को हटाया जा रहा है। इसके बाद लड़कियों के प्राइमरी स्कूलों से भी पुरुष अध्यापकों को हटाया जाएगा। यह प्रक्रिया नए सेशन से आरंभ होगी।