पंजाब में अब स्कूल माफिया ने भी लोगों को लूटना शुरू कर दिया है।
यह
आरोप इंडियन नेशनल ट्रे़ड यूनियन (इंटक) ने लगाया है। साथ ही एलान किया है
कि इंटक उन स्कूलों के खिलाफ प्रदर्शन करेगी, जो पच्चीस फीसदी गरीब बच्चों
को अपने स्कूलों में दाखिला नहीं देंगे। इंटक के प्रदेश प्रधान मलविंदर
सिंह लक्की, करनैल सिंह भाटिया, अशोक गुप्ता ने शनिवार को पत्रकार वार्ता
में कहा कि सूबे में शिक्षा माफिया सक्रिय है। निजी स्कूल संचालकों ने
ट्रस्ट बनाकर सस्ती जमीन ले रखी है।
प्रदेश के तकरीबन सभी निजी
स्कूलों में कानून के मुताबिक कुछ भी नहीं है। जमीनी कारोबार करने वाले
शिक्षा के क्षेत्र में उतर चुके हैं। वह स्कूल में बढ़िया सुविधाएं देने की
बात कहकर बच्चोें के अभिभावकों से भारी फीस ले रहे हैं। गरीबों व मध्यम
वर्गीय लोगों के बच्चों का पढ़ना इस स्कूलों में एक सपना बनकर रह गया है।
हालात यह है कि स्कूलों के स्टाफ के बच्चों भारी भरकम फीसों के कारण इन
स्कूलों में नहीं पढ़ सकते हैं।
इंटक के पास ऐसी शिकायतें आ रही हैं
कि शिक्षा के अधिकार के कानून का सरेआम उल्लंघन हो रहा है, जबकि स्कूलों
में 25 फीसदी गरीबों के बच्चों को स्थान मिलना चाहिए। इंटक आने वाले दिनों
में ऐसे स्कूलों को बेनकाब करेगी, जो गरीबों के साथ मजाक तो करते हैं साथ
ही एक्ट का उल्लंघन कर रहे हैं।