पिछले एनआरआई सम्मेलन की तरह इस साल भी मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल जालंधर में एनआरआई सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल और राजस्व मंत्री मजीठिया पर कटाक्ष कर गए।
सीएम ने कहा कि शिअद के बुजुर्ग नेताओं ने तो जेल काटी हैं, तब जाकर सत्ता तक पहुंचे हैं जबकि सुखबीर बादल व मजीठिया तो राज कर रहे हैं। उन्होंने बलवंत सिंह रामूवालिया को भी नहीं बख्शा और कह डाला कि उन्होंने तो सभी पार्टियों के साथ मिलकर सत्ता के गफ्फे लिए हैं। बादल जालंधर में एनआरआई सम्मेलन के आखिरी दिन शनिवार को एनआरआई को संबोधित कर रहे थे।
सम्मेलन का दूसरा दिन बिना किसी एजेंडे और बिना किसी घोषणा के संपन्न हो गया। सीएम बादल ने पंजाब व भारत के इतिहास की गाथा को सुनाया तो सुखबीर बादल ने अमृतसर सिटी को फोकस कर उसका पूरा इतिहास और उस पर होने जा रहे खर्च का ब्यौरा बताया।
सीएम बादल ने एनआरआई से आह्वान किया कि आने वाली पीढ़ी पंजाब के इतिहास से अंजान होती जा रही हैं, इसलिए एनआरआई पंजाब सरकार के साथ मिलकर पंजाब में 10 ऐसे स्कूल कायम करें, जहां पर वे अपने बच्चों को जमा दो तक की पढ़ाई करवाई जा सके। ये स्कूल यूएसए की तरह बनाए जाएं और स्टाफ तक विदेशों से लाकर लगाया जाए। यह सिर्फ एक अपील तक ही सीमित था, इस पर कोई घोषणा नहीं की गई।
शिअद का शासन महाराजा रणजीत सिंह की तरह
वहीं, बादल ने एनआरआई को पंजाब व देश के इतिहास की पूरी गाथा सुना डाली। उन्होंने बंदा बहादुर की यादगार से लेकर महाराजा रणजीत सिंह के शासन को विस्तार से बताया। बादल ने कहा कि शिअद का शासन भी महाराजा रणजीत सिंह की तरह है। शिअद में अब दलित, हिंदू तमाम पार्टियों के नेता हैं। एसजीपीसी देश की पहली ऐसी संस्था है, जिसने महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिया है।
बादल ने शहीद भगत सिंह, ऊधम सिंह, मोती राम मेहरा, भाई जैता तक का गुणगान किया और बताया कि किस तरह देश में आजादी के लिए इन लोगों ने योगदान दिया है। उन्होंने करतापुर में बन रही जंग-ए-आजादी यादगार का हवाला दिया।
कुर्सी की आफर ठुकरा कर जेल गए
मुख्यमंत्री ने पंजाब में आतंकवाद के खात्मे में शिअद व भाजपा गठबंधन की भूमिका की तारीफ की। बादल ने कहा जब देश में इमरजेंसी लगी थी, तब शिरोमणि अकाली दल ने ही जेल भरो आंदोलन चलाया था। हमें कुर्सी तक की ऑफर की गई लेकिन इसको ठुकराकर 19 माह जेल में काटे।
पंजाबियों के बहादुरी के किस्सों का गुणगान करते हुए बादल ने कहा कि सरकार की इच्छा है कि लोकसभा चुनाव के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में बसे पंजाबियों को एक प्लेटफार्म पर इकट्ठा कर उनका सम्मेलन करवाया जाए, उनके काफी दुख दर्द हैं उनको सुना जाए।
एनआरआई के बस अब जेल की बाकी!
बादल ने एनआरआई को खूब हंसाया। उन्होंने कहा कि एनआरआई के लिए अलग पुलिस अधिकारी, आयोग, मंत्रालय व कोर्ट बन गए हैं लेकिन अब बस जेल ही बाकी है। इसके बाद एनआरआई ठहाके लगाकर खूब हंसे। बादल ने कहा कि पंजाब सरकार किसानों का समिट करवाने जा रही है, जिसमें उन्होंने एनआरआई किसानों को हिस्सा लेने का आह्वान किया।