सुरजीत हॉकी स्टेडियम में 62वीं नेशनल स्कूल गेम का उद्घाटन करने पहुंचे शिक्षा मंत्री दलजीत सिंह चीमा को अध्यापकों के रोष का सामना करना पड़ा। इस दौरान बड़ी संख्या में एजुकेशन विभाग में काम कर रहे वालंटियर टीचर अपनी मांगो के मद्देनजर शिक्षा मंत्री से मिलने पहुंचे, लेकिन उनको मिलने नहीं दिया गया। उन्हें पुलिस वालों ने गेट पर ही रोक लिया।
इससे गुस्साए टीचरों ने गेम्स के दौरान ही अपना गुस्सा जाहिर करना शुरू कर दिया। इसके बाद अधिकारियों ने शिक्षा मंत्री से बात कर टीचरों को उनसे मिलवाया। टीचर हरप्रीत कौर ने कहा कि मुलाकात के दौरान शिक्षा मंत्री ने उनसे कहा कि आप बेवजह हर जगह पर आकर उन्हें परेशान करना शुरू कर देते हो। आप सभी को सस्पेंड की कर देते हैं। इसके बाद हरप्रीत ने उनसे कहा कि हमें तो आपने कोई पोस्ट ही नहीं दी है, फिर सस्पेंड किससे करेंगे।
इसके बाद शिक्षा मंत्री ने उनसे कहा कि 15 दिसंबर को कैबिनेट मीटिंग हैं, जिसमें वह इस बारे में विचार करेंगे। अध्यापकों ने कहा कि अगर इस दौरान भी उनकी मांगें न मानी गई तो वे मुख्यमंत्री के सामने आदमपुर में एयरपोर्ट के उद्घाटन समारोह के दौरान विरोध प्रदर्शन करेंगे।
इसके बाद पत्रकारों से बात करते हुए शिक्षा मंत्री ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा वड़िंग पर केस दर्ज होने के मामले पर कहा कि वे पहले भी कई बार विवादों में रह चुके हैं। दरअसल कांग्रेसियों का काम ही लड़ना है। उनसे जब नाभा कांड के मामले में सस्पेंड किए गए एडीजीपी को दोबारा बहाल किए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जांच में उनके खिलाफ सबूत नहीं पाए गए हैं।
इसलिए क्लीन चिट दे दी गई होगी। इसके अलावा प्राइवेट स्कूलों की ओर से ली जा रही ज्यादा फीस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से रेगुलेटरी कमेटी बनाई गई है। इसके तहत डिवीजनल कमिश्नरों को इस तरह के मामले की 15 दिनों में जांच कर 60 दिन में मामले को निपटाने को कहा गया है।