खेत मजदूर संगठनों ने लंबी में तीन दिवसीय धरना शुरू कर दिया है। इस दौरान मजदूरों ने जहां राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, वहीं मांगों की पूर्ति न होने पर संघर्ष तीव्र करने की चेतावनी भी दी।
खेत मजदूर संगठनों के नेताओं अध्यक्ष जोरा सिंह नसराली, महासचिव लछमण सिंह सेवेवाला, वित्त सचिव हरमेश मालड़ी ने कहा कि राज्य सरकार खेत मजदूर विरोधी है। 1 अप्रैल को हुए समझौते के बाद भी मजदूरों को न तो प्लॉट अलॉट किए हैं और न ही अलॉट किए प्लॉट पर कब्जा दिया गया है।
कपास चुगाई का मुआवजा भी अधिकतर मजदूरों को अभी तक नहीं मिल पाया है। नीले कार्ड थोक में बनाने के बावजूद असल हकदार इससे वंचित हैं। खुदकुशी पीड़ितों को तुरंत मुआवजा देने की मांग मंजूर करने पर भी मजदूरों व किसानों को कुछ नहीं मिल पाया। बादल सरकार मनरेगा के प्रति भी गंभीर नहीं है।
इस दौरान शारीरिक योग्यता, शैक्षणिक व बौधिक योग्यता के आधार पर पक्का रोजगार देने, गो रक्षा के नाम पर दलितों पर अत्याचार बंद करने, ठेका प्रणाली रद्द करने, मजदूरों के ऋण माफ करने, बिना ब्याज व बिना गारंटी के ऋण देने, बुढ़ापा, विधवा व दिव्यांग पेंशन तीन हजार रुपये करने की मांग की गई। इस अवसर पर मेजर सिंह, बलवंत सिंह, हरभगवान सिंह, तरसेम सिंह, सेवक सिंह, सुखा सिंह, गुरपाश सिंह, हेमराज और भुपेंदर सिंह मौजूद थे।