लंबी में शनिवार को धरने के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते मनरेगा कर्मचारी।
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ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग में ठेकेदारी सिस्टम के जरिए भर्ती हुए मनरेगा कर्मचारियों की ओर से शनिवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के विधान सभा हलका लंबी में राज्य स्तरीय धरना-प्रदर्शन किया गया।
वहीं राष्ट्रीय राज्यमार्ग पर डेढ़ घंटा जाम भी लगाया। मनरेगा कर्मचारी यूनियन के नेतृत्व में अपनी सेवाएं पक्की करवाने के लिए प्रदेश भर के मनरेगा कर्मचारी सूबा प्रधान वरिंदर सिंह बठिंडा के नेतृत्व में जीटी रोड पर एकत्र हुए और नारेबाजी की। इसके बाद प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने करीब डेढ़ से तीन बजे तक राष्ट्रीय राज्य मार्ग पर जाम लगाया।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ तो पंचायत विभाग मुलाजिमों की कमी से जूझ रहा है और सरकार की ओर से बार-बार नई भर्ती करने के बयान दिए जा रहे हैं। पहले से भर्ती मनरेगा को पक्का नहीं किया जा रहा जबकि पूर्व सरकार के पंचायत मंत्री रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा की ओर से दोबारा सरकार बनने पर उन्हें पहल के आधार पर रेगुलर करने का वादा किया गया था। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनके साथ बैठक कर मांगों संबंधी नोटिफिकेशन जारी न किया तो सरकार के खिलाफ गुप्त एक्शन किए जाएंगे।
जाम की सूचना मिलने पर एसपी (एच) नरिंदरपाल सिंह रूबी और मलोट के एसडीएम विशेष सारंगल मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों की मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के साथ 10 जुलाई को बैठक तय करवाई। इसके बाद कर्मचारियों ने जाम व धरना उठा दिया। मौके पर महासचिव अमृतपाल सिंह, जीवन कुमार, प्रेस सचिव अमरीक सिंह, सीनियर उपाध्यक्ष सरबजीत सिंह, उपाध्यक्ष हरपिंदर सिंह, ज्वाइंट सचिव सेवक सिंह पहुंचे।