खेत मजदूरों की मांगों के लिए पांच मजदूर जत्थेबंदियों का मिनी सचिवालय के सामने चल रहा धरना दूसरे दिन मंगलवार को भी जारी रहा। इस दौरान खेत मजदूरों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस धरने में पंजाब खेत मजदूर यूनियन, देहाती मजदूर सभा, कुलहिंद खेत मजदूर यूनियन, पंजाब खेत मजदूर सभा और ग्रामीण मजदूर यूनियन के सदस्य शामिल हैं। प्रदर्शनकारी खेत मजदूर बीते साल सफेद मक्खी से खराब कपास की फसल का खेत मजदूरों को मुआवजा देने, आटा दाल योजना को तुरंत शुरू करने, जिन लोगों के कार्ड नहीं बने उन्हें तुरंत बनाकर देने, पंचायती जमीनें खेती के लिए खेत मजदूरों को देने की मांग कर रहे हैैं।
नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो नई रूपरेखा तैयार कर संघर्ष को तेज किया जाएगा। इस दौरान गुरजंट सिंह साउंके, तरसेम सिंह खुंडे हलाल, हरजीत सिंह मदरस्सा, जंग सिंह सीरवाली, हरी राम चक्क शेरेवाला, जंगीर रूपाणा, हरविंदर सिंह, नानक चंद बजाज, कुलवंत सिंह समाघ, महंगा सिंह, कुलजीत सिंह झबेलवाली और काला सिंह खुन्नन खुर्द मौजूद थे।