पंजाब सरकार की ओर से दलित विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप स्कीम को लेकर कई स्कूल और कॉलेज विवादों में रहे हैं। वीरवार को इसको लेकर फिर से पंजाब मजदूर फेडरेशन और नगर निगम यूनियनों ने दोआबा कॉलेज के खिलाफ हल्ला बोल दिया।
पंजाब मजदूर फेडरेशन और निगम से जुड़ी यूनियनों ने छात्रों को स्कॉलरशिप न दिए जाने के विरोध में दोआबा कॉलेज का घेराव किया। उन्होंने कॉलेज के बाहर धरना लगा दिया। साथ ही कॉलेज के बाहर कूड़े से भरे ट्रक खड़े कर दिए। गुस्साए यूनियन सदस्यों ने प्रबंधकों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कॉलेज में दलित छात्रों को स्कॉलरशिप के तहत एडमीशन नहीं मिली तो वह वहां बाहर कूड़ा फेंक देंगे।
सूचना मिलने पर कॉलेज में भारी पुलिस फोर्स पहुंची। इसके अलावा मौके पर पहुंचे पंजाब सफाई मजदूर फेडरेशन के प्रधान चंदन ग्रेवाल ने साफ तौर पर कहा कि जब तक विद्यार्थियों की एडमीशन नहीं होती, वह अपने फैसले से अड़े हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की ओर से दलित छात्रों को पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप दी जाती है।
इसके तहत बच्चों से स्कूल पैसे वसूल नहीं कर सकते। इन बच्चों की पढ़ाई का खर्च सरकार खुद भरती है। इसके बावजूद दोआबा कॉलेज दलित बच्चों को दाखिल नहीं कर रहा है। इसके विरोध में उनकी यूनियन की ओर से कॉलेज का घेराव किया गया। मामला बिगड़ता देखकर दोआबा कॉलेज प्रबंधकों ने यूनियन सदस्यों को विश्वास दिलाया कि वह कॉलेज में दलित बच्चों को दाखिल कर देंगे। चंदन ग्रेवाल ने कहा कि दाखिला न होने से परेशान होने वाले विद्यार्थियों की संख्या 100 से ज्यादा थी। कॉलेज ने इन सभी छात्रों की एडमिशन कर दी है।