मरीज महिला की मौत के बाद स्थानीय रतन अस्पताल में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। मृतका के परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। करीब 50 लोगों ने अस्पताल में पहुंचकर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
साथ ही अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए। मृतका के परिजनों का आरोप था कि डॉक्टर ने मंगलवार रात को वेंटिलेटर बंद कर दिया, जिस वजह से उनके मरीज की मौत हुई है। मौके पर पहुंची थाना नंबर 2 की पुलिस ने मरीज के परिजनों को शांत करवाया।
पक्का बाग के रहने वाले राजीव कुमार ने कहा कि डॉक्टरों ने उनकी पत्नी सविता रानी के बारे में सुबह उन्हें बताया था कि मरीज बिल्कुल ठीक है, लेकिन कुछ समय बाद डॉक्टरों ने उनकी पत्नी को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले दिमाग की कोई नस की समस्या आने पर उनकी पत्नी को अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। इसके बाद डॉ. बलराज गुप्ता ने सविता की हालत ठीक बताई थी।
राजीव ने बताया कि बाद में सविता को वेंटिलेटर पर रख दिया गया। देर रात ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने वेंटिलेटर बंद कर दिया, जिसके चलते सुबह मरीज की मौत हो गई। इस बारे में अस्पताल के डॉक्टर बलराज गुप्ता का कहना है कि मरीज की हालत पहले ही खराब थी। हमने मरीज के परिजनों को उसकी हालत के बारे में बता दिया था।
मरीज की सुबह मौत के काफी समय बाद वेंटिलेटर हटाया गया था। उनके पास तो वेंटिलेटर लगवाने वाला कोई मरीज भी नहीं था, फिर वो क्यों किसी जिंदा मरीज का वेंटिलेटर उतारेंगे। उन्होंने कहा कि यह सारा हंगामा मरीज के परिजनों ने नहीं बल्कि उनके साथ आए कुछ शरारती लोगों ने किया है। इन लोगों ने उनके अस्पताल के सारे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए हैं। फिलहाल मरीज के परिजनों ने दर्ज करवाई शिकायत भी वापस ले ली है। इस बात की पुष्टि थाना नंबर 2 के एसएचओ ने भी की है।