नॉन टीचिंग कर्मचारी यूनियन के प्रधान मदन लाल खुल्लर ने कहा कि यदि सरकार नॉन टीचिंग कर्मचारियों को मूल भत्ते नहीं दे सकती तो अपने आप को दीवालिया घोषित कर दे। विधायक अपने भत्ते और तनख्वाह बिना देरी के बढ़वा रहे हैं और नॉन टीचिंग कर्मचारियों के भत्ते काट रहे हैं।
यूनियन ने मांगो के लिए विधायक केडी भंडारी के आवास के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। उन्होंने शिक्षा मंत्री सुरजीत सिंह रखड़ा की ओर से नॉन टीचिंग कर्मचारियों की मांगो के विरुद्ध विधानसभा सेशन में दिए गए बयान का एतराज जताया। इस दौरान विधायक केडी भंडारी ने उन्हें विश्वास दिलाया कि वह उनकी मांगों को सरकार तक पहुंचा इसका हल करवाने की कोशिश करेंगे।
इस दौरान प्रदेश प्रधान मदन लाल खुल्लर ने कहा कि ज्यादातर कॉलेज उत्तरी विधान सभा क्षेत्र में आते हैं, लेकिन विधायक ने बीते 9 सालों से नॉन टीचिंग वर्ग की किसी भी मांग को न तो सरकार के पास उठाया और न ही पूरा करवाया। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से हमेशा ही कर्मचारी विरोधी नीतियां बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से आने वाले विधानसभा चुनाव में नॉन टीचिंग कर्मचारी चुनावों का बायकाट करेंगे।