-कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष बोले, मामले की निष्पक्ष जांच हो
-शिअद ने किए पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से सवाल
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। रोपड़ रेंज के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर पर की भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तारी पर राजनीति भी शुरू हो गई है। विपक्षी पार्टियों ने आप सरकार को घेरते हुए कई सवाल उठाए हैं। शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस ने राजनीतिक हमले शुरू कर दिए हैं जबकि आम आदमी पार्टी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस नीति का हवाला देते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि आरोपी जिस भी पद पर बैठा हो, दोष साबित होने पर उसे बख्शा नहीं जाएगा।
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष के अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा है कि डीआईजी की गिरफ्तारी और उनके आवास से करोड़ों की नकदी व जेवर की बरामदगी आम आदमी पार्टी के भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के दावे पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। यह आप सरकार के कामकाज की खराब तस्वीर पेश करता है और एक ईमानदार व भ्रष्टाचार मुक्त सरकार के दावों को झुठलाता है। उन्होंने सवाल किया है एक डीआईजी के लिए बिना किसी को भनक लगे इतनी बड़ी रकम इकट्ठा करना कैसे संभव था। उन्होंने कहा कि डीआईजी की गिरफ्तारी और उसके बाद हुए खुलासे तो बस एक छोटा सा नमूना हैं। भ्रष्टाचार की जड़ें और गहरी हो सकती हैं। लिहाजा सीबीआई इस मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाए।
भुल्लर के साथ और कौन-कौन : शिअद
शिरोमणि अकाली दल ने सीबीआई से इस मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग की है ताकि यह पता चल सके कि आरोपी डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर के साथ और कौन-कौन इस भ्रष्टाचार के खेल में शामिल हैं। अकाली दल के वरिष्ठ नेता परमबंस सिंह रोमाणा ने कहा कि पंजाबियों को यह जानने का अधिकार है कि राज्य के लोगों से लूटा जा रहा धन कहां जा रहा है? क्या इसका इस्तेमाल दूसरे राज्यों में चुनाव लड़ने के लिए तो नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी का इस मुद्दे पर चुप्पी न साधें बल्कि अपना पक्ष स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कि सीबीआई को जांच इस पहलू पर केंद्रित करनी चाहिए। रोमाणा ने यह सवाल उठाया कि राज्य सरकार की सतर्कता और खुफिया शाखाएं डीआईजी हरचरण भुल्लर की भ्रष्ट गतिविधियों का पता लगाने में नाकाम क्यों रही हैं। उन्हें इस मामले की भनक क्यों नहीं लगी। रोमाणा ने कहा कि सरकार ने विजिलेंस को केवल विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का काम सौंपा गया है। यूथ अकाली दल के नेता सरबजीत सिंह झिंझर ने कहा कि इस मामले में मुख्यमंत्री को जवाब देना चाहिए।