दो महीने पहले न्यू दीप कंपनी की बस के शीशे तोड़ने के मामले में गिरफ्तार
11 स्टूडेंट्स की बिना शर्त रिहाई को लेकर पंजाब स्टूडेंट यूनियन और नौजवान
भारत सभा ने एक दिन पहले ही गांव दीप सिंह वाला में डिप्टी सीएम सुखबीर
सिंह बादल के खिलाफ बोर्ड लगाया था। सोमवार को मीडिया में बोर्ड की चर्चा
होते ही जिला पुलिस ने यह बोर्ड उतरवा दिया है। साथ ही जिला पुलिस ने सभी
थाना प्रभारियों से भविष्य में ऐसे बोर्डों को किसी भी जगह पर नहीं लगने
देने की हिदायतें दी हैं।
पंजाब स्टूडेंट यूनियन और नौजवान भारत सभा ने
गांव दीप सिंह वाला के बस स्टैंड पर बोर्ड लगाते हुए डिप्टी सीएम सुखबीर
बादल समेत उनके पारिवारिक सदस्यों, शिअद मंत्रियों, विधायकों व आला नेताओं
के गांव में घुसने पर पाबंदी लगाई थी। इन संगठनों की मांग है कि बस कांड
में गिरफ्तार दीप सिंह वाला से संबंधित दो स्टूडेंट्स समेत उनके सभी
साथियों को बिना शर्त रिहा किया जाए और गिरफ्तारी के समय उन पर जुल्म करने
वाले पुलिस अधिकारियों पर पुख्ता कार्रवाई की जाए। बोर्ड में चेतावनी लिखी
थी कि यदि किसी शिअद नेता ने गांव में घुसने का प्रयास किया तो उसका घेराव
किया जाएगा।
सोमवार को मीडिया में मामले के उजागर होते ही जिला पुलिस
ने थाना सदर पुलिस को यह बोर्ड उतरवाने की हिदायतें दी। थाना सदर प्रभारी
इंस्पेक्टर तेजिंदरपाल सिंह ने डिप्टी सीएम के खिलाफ लगे बोर्ड उतरवाने की
पुष्टि की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में फिलहाल बोर्ड लगाने
वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। गांव में बोर्ड लगाने वाले
पंजाब स्टूडेंट यूनियन के जंगीर सिंह व नौजवान भारत सभा के नौनिहाल सिंह ने
कहा कि बोर्ड तो सिर्फ सूचना देने के लिए ही लगाया गया था और मांगें पूरी
होने तक वे किसी भी शिअद नेता को गांव में घुसने नहीं देंगे।
उधर,
पंजाब स्टूडेंट यूनियन के प्रांतीय महासचिव राजिंदर सिंह ने कहा कि इस
मामले को लेकर कुछ दिन पहले ही राज्य के गृहसचिव को अवगत करवा दिया था
लेकिन राजनीतिक दबाव के चलते गृह विभाग ने भी बेकसूर स्टूडेंट्स की रिहाई
के लिए कोई कदम नहीं उठाया। पीएसयू ने फरीदकोट के कुछ अन्य गांवों में भी
ऐसे बोर्ड लगाने की योजना बनाई है और इसी मामले में 15 जुलाई से डीसी दफ्तर
के बाहर बेमियादी रोष धरना शुरू किया जाएगा।