पुलिस की सीआईए की टीम ने कपूरथला मॉडर्न जेल के डिप्टी सुपरिंटेंडेंट
विक्रमजीत पैंथे पर हमला करने वाले तीन गैंगस्टर को रविवार रात हुई मुठभेड़
के बाद काबू किया। पुलिस-गैंगस्टर मुुठभेड़ के दौरान एक एएसआई जगदेव सिंह
के पेट में गोली लगी है। उसे डीएमसी लुधियाना भर्ती करवाया गया है। जालंधर
के आला अधिकारियों की ओर से अभी तीनों आरोपी गैंगस्टरों की ओर से विक्रमजीत
पैंथे पर हमले की साजिश रचने का खुलासा नहीं किया गया है। वहीं सूत्रों के
अनुसार यह हमला सुपारी देकर कराया गया है। आरोपियों के पास से दो पिस्तौल,
चार कारें और चार कारतूस बरामद किए गए हैं।
डीसीपी राजिंदर सिंह ने
पत्रकारवार्ता में बताया कि बीते दिनों डिप्टी सुुपरिंटेंडेंट विक्रमजीत
पैंथे पर उस समय गोलियां चलाई गई थी, जब वह अपनी कार में कपूरथला जेल वापस
जा रहे थे। इस मामले में पुलिस ने एसआईटी बना जांच शुरू कर दी थी। रविवार
रात को गुप्त सूचना मिली कि बस्ती शेख स्थित संत नगर में गैंगस्टर सुक्खा
भाऊ जिसको कत्ल के मामले में 20 साल की कैद हो चुकी है, वह पैरोल पर घर आया
हुआ है। उसके साथ दो अपराधी किस्म के युवक भी हैं।
डीसीपी राजिंदर सिंह
के मुताबिक सूचना के आधार पर सीआईए इंचार्ज गुरप्रीत सिंह की टीम ने
सुक्खा भाऊ के घर को घेर लिया। इस दौरान अंदर से पुलिस पर फायरिंग की गई।
इसमें एक गोली एएसआई जगदेव सिंह के पेट में जा लगी। तीन युवक घर की छत से
निकलकर आसपास के घरों में छिप गए। पुलिस ने तलाशी कर सुखविंदर सिंह उर्फ
सुक्खा भाऊ, सुखजिंदर सिंह उर्फ सुक्खी विधीपुरिया निवासी विधीपुर, फतेह
सिंह निवासी बहराम जिला नवांशहर को काबू कर लिया। उनके पास से दो पिस्तौल,
चार कारतूस बरामद हुए हैं। अपराधियों ने छह राउंड पुलिस पर फायरिंग की।
डीसीपी
राजिंदर के मुताबिक तीनों को रविवार रात थाने में लाकर पूछताछ की गई। इस
दौरान खुलासा किया कि उन्होंने ही डीएसपी जेल विक्रमजीत पैंथे पर गोलियां
चलाई थी। गोली मारने के लिए सुक्खा विधीपुरिया और फतेह सिंह बाइक पर गए थे।
इस वारदात में प्रयोग की गई पिस्तौल अमृतसर से किसी अपराधी के पास से
खरीदी थी।
कुख्यात गैंगस्टर हैं तीनों आरोपी
डीसीपी राजिंदर
सिंह के मुताबिक सुक्खा भाऊ, सुक्खी विधीपुरिया और फतेह सिंह कुख्यात
गैंगस्टर हैं। सुक्खा भाऊ ने जालंधर के जीटीबी नगर में आई-20 कार छीनकर
सुरजू नामक युवक को गोली मारकर मार डाला था। इस केस में उसको 20 साल की सजा
सुनाई गई है। इसके अलावा सुक्खा भाऊ पर आठ मामले दर्ज हैं, जिसमें हत्या,
लूटपाट और मारपीट के हैं। वहीं सुक्खी विधीपुरिया पर कुल 6 मामले दर्ज हैं,
जिसमें हत्या का केस भी है। सुक्खी विधीपुरिया 20 साल की सजा अमृतसर जेल
में काट रहा है। 26 मई को सुक्खा विधीपुरिया पुलिस कस्टडी से फरार हो गया
था। उसको अमृतसर पुलिस की कस्टडी से नवांशहर का फतेह सिंह फरार करवाकर ले
गया था। फतेह सिंह पर भी हत्या के प्रयास का मामला है, जिसमें वह भगोड़ा
करार दिया जा चुका है।
कई आरोपियों से की थी पूछताछ
पुलिस इस
मामले में जेल से सात खतरनाक अपराधियों को लाकर पूछताछ करती रही, लेकिन
इनमें से किसी का कोई हाथ नहीं रहा। यह आपरेशन गुप्त सूचना के आधार पर किया
गया है।
छत से गिरकर तीनों गैंगस्टर हुए घायल : डीसीपी
संत नगर
में रविवार देर रात पुलिस और गैंगस्टर के बीच हुई मुठभेड़ में पकड़े गए
आरोपियों को काफी चोटें लगी हैं। डीसीपी राजिंदर सिंह का कहना है कि तीनों
कुख्यात अपराधी पुलिस को देखकर भाग गए थे। छतों से छलांग लगाने की वजह से
उनके शरीर पर चोटें लगी हैं। सोमवार सुबह तीनों को सिविल अस्पताल में
मेडिकल करवाने लाया गया। इनमें से एक की बाजू टूटी हुई थी।