फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस इंस्पेक्टर के ठग गैंग ने कबूली वारदातें

विज्ञापन
विज्ञापन
पठानकोट। लोगों से ठगी करने के आरोप में गिरफ्तार पीएपी इंस्पेक्टर और उसके साथियों ने पूछताछ में कई वारदातों को कबूला है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने 8 के करीब वारदातों को अंजाम दिया। पूछताछ में एक बात सामने आई है कि अधिकतर मामलों में उक्त ठग हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के लोगों को शिकार बनाते थे। वहीं, आरोपियों ने यह भी माना कि अभी कई अन्य वारदातों को अंजाम देने की योजना बनाई गई थी।
विज्ञापन

बता दें कि पीएपी जालंधर का इंस्पेक्टर मनजीत सिंह इस गिरोह का सरगना था। उसके नेतृत्व में गिरोह लोगों को सस्ता सीमेंट, सरिया, टायर व अन्य सामान दिलाने का झांसा देकर लूटते थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों में शामिल अन्य लोग खुद को एमईएस के ठेकेदार व सप्लायर बताते थे। डील होने के बाद इंस्पेक्टर और उसका एक निष्कासित कांस्टेबल साथी पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों को केस बनाने की धमकी देकर लूटते थे। पुलिस के मुताबिक गिरोह ने जनवरी 2022 में घटनाओं को अंजाम देना शुरू किया था।
4 मुख्य वारदातों में ठगे 8 लाख
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने माना कि निकटवर्ती क्षेत्र दुनेरा के समीप गांव कुई निवासी शेर सिंह को सस्ता सीमेंट व सरिया दिलाने का झांसा देकर 50 हजार लूटे। उसकी पिटाई की तथा सीआईए स्टाफ के थाने के बाहर केस दर्ज करवाने की धमकी देकर छोड़ दिया था। इसके बाद आरोपियों ने जम्मू के बिक्रम सिंह से एमईएस से सस्ते टायर दिलाने के बहाने गांव सिद्दोड़ी के समीप 2 लाख 10 हजार रुपये ठगे। तीसरी वारदात में आरोपियों ने जम्मू कश्मीर के सांझी मोड़ के रहने वाले सुरेंद्र सिंह को एमईएस से सस्ते टायर दिलाने के बहाने 2 लाख रुपये, बलदेव सिंह निवासी जम्मू कश्मीर के सांझी मोड़ के टायर विक्रेता से सस्ते टायर दिलाने के बहाने 1 लाख 25 हजार रुपये, हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के गांव जौंटा के रहने वाले हरबंस लाल को सस्ता सरिया व सीमेंट दिलाने का झांसा देकर 2 लाख 5 हजार रुपये व उसका मोबाइल फोन छीना। एसएचओ इंस्पेक्टर देवेद्र प्रकाश ने बताया कि आरोपी जालंधर से किराये पर गाड़ियां लेते थे तथा वारदात के समय गाड़ी के नंबर बदलकर घटना को अंजाम देकर फरार हो जाते थे। उन्होंने बताया कि पुलिस अलग-अलग पहलुओं पर जांच कर रही है। बताया कि कोर्ट में पेश करके आरोपियों का रिमांड भी लिया जाएगा ताकि सारा सच सामने आ सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें