कपूरथला। विश्व प्रसिद्ध सिंगर शुभदीप सिंह सिद्धू उर्फ सिद्धू मूसेवाला की हत्या के बाद पंजाब पुलिस जेलों में बंद गैंगस्टर व उनके गुर्गों का नेटवर्क ब्रेक करने में जुट गई है। सिद्धू मूसेवाल के कत्ल के बाद से उभरे गैंगवार के हालात से निपटने के लिए पुलिस ने जेलों में बंद बदनाम अपराधियों पर केस दर्ज कर प्रोडक्शन वारंट पर लेकर कड़ी से कड़ी जोड़ने का सिलसिला तेज कर दिया है।
जेल में बैठकर मोबाइल के जरिये नामवर व अमीर लोगों को फोन पर डराने-धमकाने और जान से मारने की धमकियां देकर अपने साथियों के जरिये वसूली करने के मामले में सीआईए स्टाफ कपूरथला की पुलिस ने माडर्न जेल में बंद छह हवालातियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। थाना कोतवाली में दर्ज केस में इन हवालातियों में कुछ को सूबे और उससे बाहर के गैंगस्टरों के साथ संपर्क होने के चलते मामला दर्ज किया गया है।
सीआईए स्टाफ के एसआई जसबीर सिंह की शिकायत पर दर्ज केस के अनुसार जसबीर सिंह पुलिस पार्टी के साथ कांजली रोड पर गश्त कर रहे थे कि उन्हें मुखबिर खास से सूचना मिली कि मनबीर सिंह निवासी राजोके तरनतारन, लवप्रीत सिंह उर्फ लव ढिल्लो निवासी गांव कमालपुर सुल्तानपुर लोधी, सुखविंदर सिंह उर्फ सुक्खा निवासी गांव तोती सुल्तानुर लोधी, सोहन लाल उर्फ काला निवासी गांव थादिया बंगा एसबीएस नगर, जरनैल सिंह उर्फ चैरी निवासी बटाला और गुरप्रीत सिंह एनडीपीएस एक्ट, लूटपाट, धमकाने और कत्ल के विभिन्न मामलों में मॉडर्न जेल कपूरथला में बंद हैं। इन लोगों ने जेल के अंदर मोबाइल फोन छुपाकर रखे हैं। इन मोबाइल के जरिये ये जेल से अपना पूरा नेटवर्क चला रहे हैं।
जेल में बैठे-बैठे ये लोग नामचीन हस्तियों, अमीर लोगों को फोन पर डरा-धमकाकर जान से मारने की धमकियां देते हैं और बाहर अपने साथियों की मदद मोटी रकम वसूलते हैं। इन हवालातियों के पेशेवर अपराधियों व गैंगस्टर से संपर्क होने के चलते पीड़ित लोग पुलिस में शिकायत नहीं देते और न ही इनके खिलाफ मुंह खोलते हैं। जेल में बैठे-बैठे ये लोग नशा, अवैध हथियार खरीदने के लिए रकम का बंदोबस्त कर चिट्टा (हेरोइन) व अन्य नशीले पदार्थ बिकवाने और हथियार के बल पर फिरौतियां लेने का काम करते हैं। इस पर सीआईए स्टाफ की शिकायत पर थाना कोतवाली में इन हवालातियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। सीआईए इंचार्ज इंस्पेक्टर जरनैल सिंह ने कहा कि जेल में बंद इन आरोपियों को पूछताछ के लिए प्रोडक्शन वारंट पर लाने के बाद इनके असल मकसद के बारे में पता चलेगा।