पटियाला में शुक्रवार को शिव सैनिकों व गर्मख्याली समर्थकों में टकराव को रोका जा सकता था, अगर पंजाब की खुफिया एजेंसियां सतर्क होती। हालात ये हैं कि खुफिया एजेंसियों की तरफ से पटियाला पुलिस व जोन को कोई इनपुट नहीं दिए गए कि 29 अप्रैल को शिव सैनिक व गर्म ख्याली समर्थक आमने-सामने हो सकते हैं।
आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने 29 अप्रैल को खालिस्तान दिवस के तौर पर मनाने का एलान किया था। उसने अपने यू-ट्यूब चैनल पर कहा था कि हरियाणा पंजाब का हिस्सा होगा और पंजाब को भारत से मुक्त कराया जाएगा। गुरुग्राम से अंबाला तक प्रत्येक एसपी और डीसी कार्यालय में 29 अप्रैल को खालिस्तानी झंडा फहराया जाएगा और हरियाणा खालिस्तान बनेगा।
पंजाब में खुफिया एजेंसियों को यह तो पता था कि पन्नू की तरफ से 29 अप्रैल को खालिस्तान दिवस मनाया जा रहा है, लेकिन इसे लेकर शिव सैनिक विरोध मार्च पटियाला में निकालेंगे और वहां पर गर्मख्यालियों व शिव सैनिकों की क्या तैयारी है? कितने पुलिस बल की जरूरत होगी? कहां गर्मख्याली एकत्रित होंगे, इसको लेकर कोई इनपुट गृह विभाग को नहीं भेजा गया था। रूटीन की एडवाइजरी जारी की गई थी और इसे पटियाला की पुलिस ने गंभीरता से भी नहीं लिया।
यह किसी से नहीं छिपा है कि आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू पंजाब में अशांति फैलाने के लिए हर पैंतरे इस्तेमाल कर रहा है। यही वजह है कि 1 जुलाई 2020 को भारत सरकार ने गुरपतवंत सिंह पन्नू को आतंकवादी घोषित कर दिया था। जुलाई 2020 में ही पंजाब पुलिस ने अमृतसर और कपूरथला में उसके खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज किया था। पन्नू ने हाल ही में अपने यू-ट्यूब चैनल पर एलान किया था कि गुरुग्राम से लेकर हरियाणा के अंबाला तक सभी एसपी और डीसी कार्यालयों में खालिस्तानी झंडा फहराया जाएगा। इसके बाद 16 अप्रैल को गुरुग्राम में उसके खिलाफ राजद्रोह का केस दर्ज हुआ था।
अमेरिका में बैठे खालिस्तानी आतंकी पन्नू पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर पंजाब को सुलगाने की कोशिश में है। उसने ही पटियाला में अशांति फैलाने का पूरा तानाबाना बुना था। पंजाब की खुफिया एजेंसियां सूबे में सिख फॉर जस्टिस संगठन के पूरे नेटवर्क को ब्रेक भी नहीं कर पा रही है। लिहाजा, पन्नू के बहकावे में पंजाब के काफी युवा फंस चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को पटियाला में शिवसेना ने खालिस्तान के खिलाफ पुतला फूंककर प्रदर्शन की तैयारी की थी। इसका पता चलते ही गर्मख्यालियों ने विरोध शुरू कर दिया। वहां पुलिस ने उन्हें रोक लिया और वापस भेज दिया। हालांकि सिख संगठनों के सदस्य काली माता मंदिर में तलवारें लेकर पहुंच गए। यहां दोनों पक्षों के बीच जमकर ईंट-पत्थर चले।
पटियाला में इस वारदात को लेकर पंजाब की खुफिया एजेंसियों की कार्यशैली पर सवालिया निशान लग गया है। सूत्रों के अनुसार पंजाब व केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पटियाला घटनाक्रम पर पूरी रिपोर्ट तलब की है और खुफिया एजेंसियों से इसकी जवाब तलबी की जा रही है।
पंजाब के युवाओं को लालच दे रहा है पन्नू
गुरपतवंत सिंह पन्नू पैसों का लालच देकर पंजाब के युवाओं को भटकाने की कोशिश करता रहता है। 2020 में उसने इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि पर पंजाब के छात्रों से स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटियों में खालिस्तानी झंडा फहराने की अपील की थी। बदले में उसने छात्रों को आईफोन-12 स्मार्ट फोन का लालच दिया था। इसी तरह उसने एलान किया था कि जो शख्स भारत के स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले पर खालिस्तानी झंडा फहराएगा उसे 5 लाख डॉलर का इनाम दिया जाएगा। पंजाब के ब्लॉकों में ऐसा करने पर 50 हजार रुपये देने का एलान किया था।