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आरक्षित टिकट खिड़की पर नकद लेन-देन बंद होने से यात्री परेशान

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रेलवे आरक्षण प्रणाली के तहत नकद राशि लेन-देन पर प्रतिबंध लगाने से निमभन वर्ग के यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में कई बार आरक्षण टिकट खिड़की पर झगड़े की आशंका भी पैदा हो जाती है। यात्रियों ने रेल विभाग से मांग की है कि इस कैशलेस प्रणाली को वैकल्पिक रूप में लागू किया जाए, ताकि हर यात्री आसानी से टिकट खरीद सके।
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जानकारी के अनुसार रेल विभाग ने एक जनवरी से आरक्षण टिकट खिड़की पर नकद राशि लेन देन पर पाबंदी लगा दी। जिसके तहत सीट आरक्षित कराने वाले यात्री अपने एटीएम या डेबिट कार्ड को स्वाइप करके या फिर पेटीएम से किराया अदा कर सकते हैं। ऐसे में एटीएम और पेटीएम प्रयोग न करने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरक्षण टिकट खिड़की पर मौजूद यात्री जसविंद्र सिंह, मंजीत सिंह, राजकुमार तथा जगदीश कुमार ने बताया कि वे खेत मजदूर हैं और अनपढ़ होने के कारण बैंक से एटीएम नहीं लिया। जिस कारण वे अपनी टिकट भी बुक नहीं करा सकते। साथ ही अन्य यात्रियों का कहना था कि इस प्रणाली के तहत अनपढ़ ही नहीं शिक्षित यात्रियों से भी ठगी हो सकती है। क्योंकि उदाहरण स्वरूप 500 की टिकट पर अगर गलती से एक 0 और लग गई तो यात्री के खाते से 5000 रुपए निकल जाएंगे। जबकि अनपढ़ इसकी जानकारी भी हासिल नहीं कर सकता। इसके अलावा अन्य लोग भी रेल यात्रा के दौरान हर संभव एटीएम या क्रेटिड कार्ड साथ में नहीं रखते। जिससे उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेल यात्रियों े विभाग से मांग की है कि इस स्वाईप सुविधा को अनिवार्य न करते हुए वैकल्पिक रूप में लागू किया जाए ताकि हर यात्री आरक्षित टिकट खरीद सके।
इधर आरक्षित टिकट बेचने वाले रेल कर्मचारी का कहना है कि नगद राशि स्वीकार न करने पर कई बार यात्री उनसे झगड़ा करने को तैयार हो जाते हैं। इतना ही नहीं मजदूर वर्ग के लोग मजदूरी में मिले पैसों से सीधे टिकट खरीदना चाहते हैं जबकि रेलवे की नई प्रणाली के तहत पहले उसे अपने खाते में पैसे जमा करवाने होंगे उसके बाद एटीएम या डेबिट कार्ड से वह आरक्षण टिकट खिड़की पर अपना भुगतान करे। जिससे उन्हें भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। टिकट बुकिंग अधिकारी का कहना है कि इस नए नियम से रेल को आर्थिक नुकसान होगा और भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। क्योंकि बिना एटीएम वाला रेल यात्री किसी न किसी प्रकार से टिकट खरीद कर आरक्षित सीट पर यात्रा करने का प्रयास करेगा या फिर ट्रेन में ही टिकट निरीक्षक से सेटिंग करने की कोशिश करेगा। यात्रियों ने रेलवे से अपने इस फैसले पर पुर्नविचार करने की मांग की है।
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ग्राहक पंचायत ने जताया ऐतराज
अबोहर। आरक्षण टिकट खिड़की पर नकद राशि लेन-देन बंद करने पर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने कड़ा ऐतराज जताया है। संगठन के प्रदेश सचिव अशोक गर्ग ने इसे यात्रियों के साथ धक्केशाही करार दिया है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की कैशलेस योजना को हर जगह वैकल्पिक रूप से लागू किया गया है लेकिन रेलवे में इसे अनिवार्य रूप से लागू करके जानबूझ कर यात्रियों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने विभाग से स्वैप मशीन के साथ ही नकद लेन-देन जारी रखने की भी मांग की है।
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फोटो एबीआर 1
कैप्शन: अबोहर जंक्शन की आरक्षण खिड़की पर लगा नोटिस।
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