प्रेस वार्ता कर जागरूक नागरिकों ने उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
फाजिल्का। फाजिल्का जिले में सड़कों को चौड़ा करने के नाम पर बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई किए जाने से पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को लेकर चिंता गहराती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर जिले के जागरूक नागरिक विक्रमादित्य आहूजा, सुबोध वर्मा और नवदीप असीजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रशासन, सरकार और आम जनता के सामने अपनी आपत्तियां रखीं।
नागरिकों ने बताया कि बीते दो महीनों में अबोहर से फाजिल्का तक लगभग 171 एकड़ क्षेत्र में 14,114 पेड़ काटे जा चुके हैं। उनका कहना है कि जब यह सड़क परियोजना फिरोजपुर तक पहुंचेगी तो कटे पेड़ों की संख्या पांच से छह गुना तक बढ़ सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे विकास कार्यों के विरोधी नहीं हैं लेकिन विकास के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना भी जरूरी है।
प्रेस वार्ता में कहा गया कि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई से तापमान बढ़ेगा, प्रदूषण बढ़ेगा और आम लोगों की स्वास्थ्य समस्याएं और गंभीर होंगी। नागरिकों ने सवाल उठाया कि कटे पेड़ों के बदले नए पेड़ लगाने की कोई ठोस और सार्वजनिक योजना अब तक सामने क्यों नहीं आई।नागरिकों ने खुलासा किया कि एनएचएआई ने कटे पेड़ों के एवज में लगभग 68 करोड़ रुपये राज्य सरकार को जमा कराए हैं लेकिन आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार नए पेड़ गुरदासपुर और अमृतसर में लगाने की योजना है। इसे उन्होंने फाजिल्का के साथ पर्यावरणीय अन्याय बताया।
नवदीप असीजा ने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड में फाजिल्का में 14 प्रतिशत क्षेत्र वृक्षारोपण के लिए उपलब्ध है। इसके बावजूद यहां जगह न होने की बात करना गंभीर लापरवाही है। नागरिकों ने मांग की कि हर कटे पेड़ के बदले नए पेड़ फाजिल्का में ही लगाए जाएं और सरकार एक समयबद्ध, पारदर्शी योजना जनता के सामने रखे।
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