विजिलेंस ब्यूरो ने प्रोडक्शन वारंट के आधार पर अदालत में किया पेश
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदकोट। साढ़े तीन साल पुराने बाबा दयाल दास हत्याकांड में शिकायतकर्ता से तत्कालीन आईजी प्रदीप कुमार यादव के नाम पर 20 लाख रिश्वत वसूलने के मामले में नामजद गोशाला बीड़ सिखांवाला के प्रमुख महंत मलकीत दास को शुक्रवार विजिलेंस ने प्रोडक्शन वारंट के आधार पर सीजेएम की अदालत में पेश किया और पूछताछ के लिए सात दिन के रिमांड की मांग रखी। दोनों पक्षों के वकीलों की बहस के बाद अदालत ने आरोपी को एक दिन के रिमांड पर भेजने का आदेश दिया।
जानकारी के अनुसार महंत मलकीत दास पर रिश्वत वसूलने वाले पुलिस अधिकारियों व शिकायतकर्ता के बीच बिचौलिए की भूमिका निभाने के आरोप लगे हैं। केस में नामजद होने के बाद जब उन्हें अदालत से अग्रिम जमानत नहीं मिली तो उन्होंने कुछ दिन पहले अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और केस में वादा माफ गवाह बनने की इच्छा से अदालत में अपना इकबालिया बयान भी दर्ज करवा दिया। आरोपी ने अपने इकबालिया बयान में रिश्वत प्रकरण में आईजी प्रदीप कुमार यादव की मिलीभगत का दावा किया है, जिसके बाद विजिलेंस ने उनका प्रोडक्शन वारंट जारी करवाया और शुक्रवार को अदालत में पेश कर पूछताछ के लिए रिमांड हासिल किया। माना जा रहा है कि विजिलेंस की ओर से भी उनके बयान दर्ज किए जाएंगे और इसके आधार पर आईजी प्रदीप कुमार यादव को तलब कर पूछताछ की जा सकती है।