पटियाला। पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री विक्रम सिंह मजीठिया सोमवार को ड्रग केस में एसआईटी के सामने पेश होने के लिए पटियाला रेंज के आईजी दफ्तर पहुंचे। मीडिया से उन्होंने कहा कि 9 दिसंबर को पंजाब की एक लड़की के समर्थन में खड़े होने का एलान किया था, जो सीएम भगवंत मान को अच्छा नहीं लगा।
11 दिसंबर को उनके खिलाफ ड्रग केस में एसआईटी के सामने पेश होने के लिए समन जारी कर दिए। उन्हें इसकी जानकारी पहले से थी। मान पर हमला बोलते मजीठिया ने कहा कि एसआईटी प्रमुख मुखविंदर सिंह छीना 31 दिसंबर को सेवानिवृत होने जा रहे हैं। ऐसे में खुद मान प्रमुख बन जाएं और केजरीवाल या अपने ओएसडी को मेंबर के तौर पर इसमें शामिल कर लें। फिर वह मान के साथ दो-दो हाथ करेंगे। मजीठिया ने कहा कि वह गिरफ्तारी से डरते नहीं हैं। उनकी पेशी के लिए पटियाला में लगाए गए पुलिस कर्फ्यू से साबित होता है कि सरकार उनसे डरती है।
मजीठिया पर 2021 में दर्ज हुआ था ड्रग तस्करी का मामला
मजीठिया ने कहा कि साफ है कि जो भगवंत मान के खिलाफ मुद्दों की लड़ाई लड़ता है, उसके खिलाफ सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया जाता है। मजीठिया ने तंज कसते हुए कहा कि वह आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल की तरह नहीं है, जो ईडी के सामने पेश होने की बजाय भगवंत मान के जहाज में भाग गए। शहीदी महीना खत्म होने के बाद वह मान की हर बात का जवाब देंगे। अगर सरकार के पास उनके खिलाफ कोई सबूत हैं, तो इन्हें अदालत में पेश किया जाए। दो साल के बाद ऐसा क्या हो गया, कि उन्हें दोबारा समन किए गए हैं। गौरतलब है कि ड्रग तस्करी के आरोपों के तहत मजीठिया के खिलाफ पूर्व सरकार ने 20 दिसंबर 2021 को केस दर्ज किया था।
भारी संख्या में समर्थक पहुंचे
मजीठिया के आईजी कार्यालय में पहुंचने से पहले ही वहां बड़ी संख्या में अकाली नेता व कार्यकर्ता जमा हो गए थे। इससे जाम की स्थिति भी पैदा हो गई थी। पुलिस ने समर्थकों को रोकने के लिए हर तरफ बेरिकेडिंग की थी। समर्थकों ने मजीठिया के समर्थन में नारेबाजी भी की। जब मीडिया से बात करने के बाद मजीठिया आईजी दफ्तर के अंदर गए, तो उनके समर्थकों ने बाहर ही धरना लगा दिया।