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मोगा के शहीद परमिंदर सिंह को श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंचा कोई अधिकारी या विधायक

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शहीद परमिंदर सिंह को श्रद्धांजली देते सेना के अधिकारी। - फोटो : MOGA
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मोगा के गांव मेहरों के रहने वाले 22 वर्षीय परमिंदर सिंह बीते मंगलवार को ट्रेनिंग के दौरान नहर में डूबने से शहीद हो गए थे। उनका पार्थिव शरीर वीरवार को गांव लाया गया। इस दौरान शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए जिले के चारों विधायकों में से एक भी विधायक या कोई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद नहीं था।
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मेहरों निवासी परमिंदर सिंह चार साल पहले सेना में भर्ती हुए थे और इस समय वह झारखंड के रामगढ़ जिले में बने ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेनिंग कर रहे थे। मंगलवार को ट्रेनिंग के दौरान परमिंदर सिंह और तरनतारन के गांव कुल्ला का रहने वाला जवान जोरावर सिंह नहर में उतरे थे, लेकिन पानी की गहराई ज्यादा होने के चलते डूबने से दोनों शहीद हो गए। इस दौरान एसआरसी (सिख रेजीमेंटल सेंटर) के अधिकारियों द्वारा इसकी सूचना परमिंदर सिंह और जोरावर सिंह के परिवार को दी गई थी। परमिंदर के पिता गुरसेवक सिंह को जैसे ही बेटे के शहीद होने की खबर मिली तो वह एकदम सुन्न हो गए। उन्होंने अपनी पत्नी, मां व बेटी को इसकी सूचना नहीं दी। परमिंदर सिंह 18 वर्ष की उम्र में ही सेना में भर्ती हो गए थे। परमिंदर परिवार के इकलौते बेटे थे। वीरवार को शहीद परमिंदर सिंह का पार्थिव शरीर गांव लाया गया तो परिवार में मातम पसर गया। बेटे की शहादत पर सभी को गर्व भी था वहीं उसकी शादी की आरजू पूरी न हो पाने का गम भी झलक रहा था। वीरवार को सेना के अधिकारियों द्वारा सैन्य सम्मान के साथ शहीद परमिंदर सिंह को उसके गांव में अंतिम विदाई दी गई।
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