फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जालंधर की नौ सीट, आप ने पुराने चेहरों को अलविदा कह नौ नए चेहरे मैदान में उतारे...

विज्ञापन
विज्ञापन
जालंधर। दोआबा का मुख्य केंद्र माने जाते जालंधर में इस बार विधानसभा चुनावों में दिलचस्प मुकाबला है। इस बार नौ सीटों में से ज्यादातर पर चार कोणीय मुकाबला है वहीं कांग्रेस ने नौ में से सात पुराने चेहरों को मैदान में उतारकर दांव खेला है। अकाली दल ने अपने तीनों विधायकों को दोबारा टिकट दी है। आप ने टिकट आवंटन में नौ नए चेहरों को मैदान में उतारा है। चौंकाने वाली बात है कि आप के 2017 के नौ चेहरे पार्टी को अलविदा कह चुके हैं और अपना भाग्य अन्य पार्टियों में अजमा रहे हैं।
विज्ञापन

नौ में से एक भी चेहरा नहीं बचा आप के पास..
2017 में आम आदमी पार्टी की हवा चल रही थी और इस दौरान जालंधर में जिन नौ विधानसभा क्षेत्रों में आप के उम्मीदवारों को टिकट दी गई थी, उसमें से अधिकतर पार्टी को अलविदा कह चुके हैं। जालंधर कैंट से आप के उम्मीदवार एचएस वालिया थे, जिनकों 25 हजार के करीब मत पड़े थे। वालिया ने आप को अलविदा कहकर अकाली दल का दामन थाम लिया था। आदमपुर से आम आदमी के उम्मदीवार हंसराज राणा थे उनहोंने भी 2017 के चुनावों के बाद अकाली दल का दामन थाम लिया। करतारपुर से चंदन ग्रेवाल आप के प्रत्याशी थे, जिन्होंने अकाली दल को अपना लिया और अब अकाली दल ने उनको जालंधर केंद्रीय से सीट दे रखी है। जालंधर नार्थ से गुलशन शर्मा खुद ही पार्टी से अलग हो गए। जालंधर केंद्रीय सीट से आप ने पिछली बार संजीव शर्मा को खड़ा किया था। डॉ. संजीव शर्मा 15 हजार मत ले गए थे लेकिन पार्टी ने उनका टिकट काट दिया और संजीव शर्मा अब कांग्रेस का हिस्सा बन गए हैं। जालंधर वेस्ट से दर्शन भगत थे, जिन्होंने चुनावों में कांटे की टक्कर दी थी। अब भाजपा का हिस्सा बन चुके हैं। शाहकोट से चुनाव लड़ने वाले डॉ. अमरजीत थिंद अब अकाली दल में हैं। फिल्लौर से 2017 में चुनाव लड़ने वाले सरूप सिंह कडियाणा ने आप से किनारा कर लिया है।
कांग्रेस के 9 में सात प्रत्याशी पुराने चेहरे, बगावत से डरी
जालंधर में 2017 में कांग्रेस ने जिन उम्मीदवारों पर दांव खेला था, उसमें से सात पुराने चेहरे उतारे हैं। जालंधर वेस्ट से विधायक सुशील रिंकू, केंद्रीय से बेरी, नार्थ से बावा हेनरी, करतारपुर से सुरिंदर चौधरी, कैंट से परगट सिंह, फिल्लौर से बिक्रम चौधरी व शाहकोट से लाडी शेरेवालिया विधायक को टिकट दिया गया है जबकि आदमपुर से नया चेहरा सुखविंदर कोटली हैं। नकोदर से डॉ. नवजोत सिंह दहिया को मैदान में उतारा गया है। कांग्रेस में हालांकि काफी सत्ता विरोधी लहर का डर था पर पार्टी ने बगावत के डर से पुराने चेहरों पर दांव खेलना उचित समझा। अब कांग्रेसी नेताओं को सत्ता विरोधी लहर की धार को भी कुंद करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

अकाली दल तीन पुराने विधायक मैदान में...
अकाली दल की तरफ से अपने तीन पुराने विधायकों पवन कुमार टीनू, फिल्लौर से बलदेव खैहरा, नकोदर से गुरप्रताप वडाला को उतारा गया है। वर्ष 2017 में चार विधायक जीते थे पर शाहकोट से जत्थेदार अजीत सिंह कोहाड़ के देहांत के बाद उपचुनाव हुए तो कांग्रेस के लाडी शेरोवालिया जीत गए। अकाली दल ने गठबंधन के बाद करतारपुर में बसपा का उम्मीदवार बलविंदर कुमार को मैदान में उतारा है जबकि जालंधर नार्थ व वेस्ट की सीट भी बसपा को दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें