पावरकॉम का स्थानीय सबअर्बन डिवीजन का इलाका 100 किलोमीटर के क्षेत्र में है और यह केवल एक शिकायत केंद्र के सहारे चल रहा है। सिर्फ सात कर्मचारियों के बलबूते इतना बड़े क्षेत्र में उपभोक्तायों की शिकायतों का निवारण कर पाना संभव नहीं है।
जानकारी के अनुसार वर्ष 1980 में सब-अर्बन सब डिवीजन में 115 टेक्निकल कर्मचारी थे और इस सब डिवीजन के अंतर्गत केवल छह हजार कनेक्शन थे। अब इस सब डिवीजन के अंतर्गत 20 हजार से अधिक कनेक्शन और टेक्निकल कर्मचारी महज सात हैं। इस सब डिवीजन के तहत जालंधर रोड पर खैरा माझा से लेकर अमृतसर-जालंधर जीटी पर स्थित सुभानपुर तक का क्षेत्र पड़ता है।
इसके अलावा इस सब डिवीजन के क्षेत्र शहर के डीसी के बीच से निकलती अमृतसर रोड से लेकर उत्तर दिशा में गांव हमीरा तक का क्षेत्र पड़ता है । इस सब डिवीजन के तहत गांव धम्म, कंजली, दुबुर्जी, खैरा माझा, वडाला फाटक तथा लखन कलां में बिजली संबंधी उपभोक्तायों की समस्याओं का निवारण करने के लिए बिजली शिकायत केंद्र चलते थे। जैसे जैसे टेक्निकल कर्मचारी रिटायर होते गए, वैसे वैसे ये शिकायत केंद्र बंद होते गए। अब इस सब डिवीजन में शहर में मात्र एक शिकायत केंद्र है, और सात कर्मचारी हैं।
साप्ताहिक छुट्टी के कारण तीन शिफ्टों में केवल दो-दो कर्मचारियों के कंधों पर पूरी सब डिवीजन की शिकायतों को निपटाने का बोझ रहता है। जब सब डिवीजन में छह से सात हजार कनेक्शन थे तो सुबह 8 से 2 बजे की शिफ्ट में 3, बाद दोपहर 2 बजे से रात्रि 10 बजे तक के पीक लोड शिफ्ट में 7 तथा रात्रि 10 बजे से प्रात 8 बजे तक की शिफ्ट में तीन कर्मचारी उपभोक्तायों की बिजली संबंधी शिकायतों के निवारण के लिए तैनात रहते थे। अब जब कनेक्शन तीन गुना बढ़ चुके हैं स्टाफ आधे से भी कम है। शिकायत केंद्र के इन सात कर्मचारियों में से तीन आगामी एक वर्ष के रिटायर होने जा रहे हैं।
फोन सुनने के लिए और कर्मचारी तैनात होंगे
सब-अर्बन सब डिवीजन के एसडीओ दर्शन सिंह के मुताबिक वे फील्ड स्टाफ के अलावा शिकायत केंद्र पर फोन सुनने के लिए और कर्मचारी तैनात कर रहे हैं। उनका प्रयास है कि किसी भी उपभोक्ता की शिकायत को जल्द से जल्द दूर किया जाए। जहां तक कर्मचारियों की नई भर्ती का संबंध है तो यह उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।