अरविंद केजरीवाल-लक्ष्मीकांता चावला।
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पंजाब भाजपा की फायर ब्रांड नेत्री लक्ष्मीकांता चावला और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की मीटिंग पर सियासी बवाल शुरू हो गया है। पंजाब आम आदमी पार्टी के कई नेताओं ने चावला का दबी जुबान पार्टी मंच पर विरोध शुरू कर दिया है।
भुलत्थ से आप के दिग्गज नेता सर्बजीत सिंह ने सोशल मीडिया पर खुलेआम पोस्ट डालकर कहा है कि आपरेशन ब्लू स्टार के बाद लड्डू बांटने वाली लक्ष्मीकांता चावला और अरविंद केजरीवाल की मुलाकात मुझे अच्छी नहीं लगी। आम आदमी पार्टी को ऐसे किसी भी शख्स को पार्टी में शामिल करने से परहेज करना चाहिए और अगर शामिल कर लिया है तो उस पर विचार करने की जरूरत है।
दरअसल, पंजाब की पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांता चावला हिंदुत्व के एजेंडे को प्रमुखता से लेकर चलती हैं और आतंकवाद व कट्टरपंथियों के खिलाफ आवाज बुलंद करने में सदैव अग्रणी रही हैं। भाजपा की तरफ से वे पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल की सरकार में सेहत मंत्री रह चुकी हैं और अपनी ही लीडरशिप से लेकर अकाली दल के नेताओं को गाहे-बगाहे कटघरे में खड़ा करती रही हैं। कुछ दिन पहले दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने लक्ष्मीकांता चावला से मुलाकात की थी। दोनों की फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड हुई तो आप में सियासत गरमा गई।
आप के कई नेताओं ने इसका पार्टी मंच पर विरोध जताया और कहा कि हमें हिंदू वोटरों को बटोरने के लिए किसी कीमत पर सिख वोटरों को नाराज नहीं करना चाहिए। यह भी किसी से छिपा नहीं है कि आप को 2017 में जहां मालवा में जबरदस्त समर्थन मिला था, वहीं शहरी क्षेत्रों में आप पीछे हो गई थी। यानी शहरी मतदाताओं ने आप को नकार दिया था। ऐसे में लक्ष्मीकांता चावला को पार्टी में शामिल कर आप शहरी व हिंदू वर्ग में अपनी पैठ बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।