जालंधर में पंजाब निर्माण मजदूर यूनियन के 11वें स्थापना दिवस पर हजारों मजदूरों ने देशभक्त यादगार हाल में गुस्सा निकाला। इस दौरान विशाल रोष रैली की गई।
इसमें पंजाब भर से निर्माण कार्य में जुटे राज मिस्त्री, बढ़ई, पलंबर, पेंटर, मार्बल मिस्त्री, मजदूर और कारीगर शामिल हुए। पंजाब बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन और अन्य कर्मचारी भलाई बोर्ड द्वारा निर्माण मजदूरों के कल्याण के लिए जमा किया फंड मजदूरों में न बांटने पर नारेबाजी की।
मजदूरों के कल्याण के लिए बनाए 1996 के कानून को प्रभावशाली ढंग से लागू करने की मांग भी जोरदार ढंग से उठाई गई।
रैली को संबोधित करने के लिए कंस्ट्रक्शन वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव दिवंजन चक्रवर्ती महासचिव खास तौर पहुंचे। उन्होंने कहा कि देश में चार करोड़ से अधिक श्रमिक इमारतों, पुल, बांधों और नहरों को बनाने में कार्यरत हैं।
मजदूरों के दबाव में केंद्रीय सरकार को द बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स रेगुलेशन ऑफ इंप्लाइमेंट एंड कंडीशन ऑफ सर्विस एक्ट 1996 बनाना पड़ा, पर 17 साल के बाद भी यह कानून देश में लागू नहीं हो पाया है।
सिर्फ 98 लाख मजदूरों को पंजीकृत किया है। इसके कल्याण के लिए जमा 9325.42 करोड़ रुपये में से सिर्फ 1178.63 करोड़ रुपये मजदूरों को विभिन्न कल्याणकारी स्कीमों में बांटे गए हैं।
इस दौरान सीटीयू के उपाध्यक्ष मंगत राम पासला ने कहा कि केंद्र और पंजाब सरकार द्वारा लागू की जा रही मजदूर विरोधी नीतियों के कारण रोजगार के साधन घटते जा रहे हैं।
इस दौरान प्रदेश के चेयरमैन इंदरजीत सिंह ग्रेवाल, प्रदेश महासचिव हरिंदर रंधावा और सीटीयू के महासचिव नत्था सिंह ने भी संबोधित किया। इस दौरान प्रदेश भर से भारी संख्या में श्रमिक जमा हुए।