किसान सरैण चंद और गुरमीत सिंह की फाइल।
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फिरोजपुर में माहमूजोइयां टोल प्लाजा पर चल रहे धरने में दिल का दौरा पड़ने से किसान सरैण चंद (72) निवासी गांव माहमूजोइयां की मौत हो गई। वे 90 दिन से धरने में सेवा कर रहे थे। गौरतलब है कि धरने में अब तक तीन किसानों की मौत हो चुकी है। इनमें से दो सगे भाई हैं।
भारतीय किसान यूनियन उगराहां के नेता जोगा सिंह ने बताया कि धरनास्थल पर रविवार देर शाम अचानक किसान सरैण चंद को दिल का दौरा पड़ गया। अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई।
कृषि कानूनों के खिलाफ टोल प्लाजा पर पक्के तौर पर चल रहे धरने में अब तक गांव माहमूजोइयां के तीन किसानों की मौत हो चुकी है। इनमें दो सगे भाई बलदेव चंद और कश्मीरी लाल शामिल हैं।
जोगा सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन व पंजाब सरकार की ओर से अब तक किसान कश्मीरी लाल के परिवार को भी पांच लाख रुपये का मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को नौकरी नहीं दी गई है। किसान संगठन के नेताओं ने पंजाब सरकार से मांग की कि किसान सरैण चंद व कश्मीरी लाल के परिवार की मदद की जाए।
मानसा के किसान की हार्ट अटैक से मौत
उधर, दिल्ली बॉर्डर पर किसान आंदोलन में गए मानसा के गांव धिंगड़ के किसान गुरमीत सिंह की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। भारती किसान यूनियन डकौंदा के महेंद्र सिंह भैणीवाघा ने बताया कि किसान गुरमीत सिंह डकौंदा संगठन से जुड़े थे।
गुरमीत सिंह की रविवार शाम को दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। ब्लॉक झुनीर के अध्यक्ष मनजीत सिंह उल्लक ने केंद्र व प्रदेश सरकार से इसके बदले 10 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को नौकरी व कर्जमाफी की मांग की है। उन्होंने बताया कि किसान पर करीब पांच लाख रुपये का कर्ज था।