मोगा के ऑर्बिट बस कांड के विरोध में प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार किए गए 11
स्टूडेंट्स की रिहाई न होने पर डिप्टी सीएम सुखबीर बादल के खिलाफ गुस्सा
लगातार बढ़ता जा रहा है। यह वे स्टूडेंट्स हैं, जिन्हें न्यू दीप कंपनी की
बस के शीशे तोड़ने के मामले में गिरफ्तारी किया गया था। अब उनकी बिना शर्म
रिहाई की मांग को लेकर पंजाब स्टूडेंट यूनियन व नौजवान भारत सभा ने गांव
दीप सिंह वाला में बोर्ड लगवाए हैं। बोर्ड पर लिखे संदेशों में कहा गया है
कि यदि स्टूडेंट्स की रिहाई नहीं हुई तो वे डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल
को गांव में घुसने नहीं देंगे। यह पाबंदी तब तक लगी रहेगी जब तब उनकी मांग
पूरी न हो जाती।
गिरफ्तार स्टूडेंट्स में दीप सिंह वाला गांव के दो
नौजवान शामिल हैं। गांव के बस स्टैंड पर लगे बोर्ड में साफ लिखा गया है कि
यहां पर सुखबीर बादल का आना मना है। उनकी मांग पूरी हुए बगैर यदि डिप्टी
सीएम समेत बादल परिवार का कोई भी सदस्य, सरकार का कोई मंत्री या सीनियर
नेता गांव में घुसने का प्रयास करेगा तो ग्रामीण उसका घेराव करेंगे।
स्टूडेंट्स पिछले दो महीनों से जेल में बंद है। पीएसयू नेता गुरविंदर सिंह,
गुरलाल सिंह, जंगीर सिंह, निहाल सिंह, काला मोहम्मद, जगरूप कौर व सतपाल ने
कहा कि वह किसी भी सूरत में पंजाब सरकार के आगे नहीं झुकेंगे।
उन्होंने
कहा कि आने वाले दिनों में फरीदकोट के कुछ क्षेत्रों में भी डिप्टी सीएम
समेत शिअद नेताओं के आने पर पाबंदी वाले बोर्ड लगाए जाएंगे। उनके आने की
सूरत में घेराव किया जाएगा। उधर, शिअद नेता जोगिंदर सिंह बराड़ ने कहा है
कि यह मामला गंभीर है। वह डिप्टी सीएम से मुलाकात कर मामले के समाधान की
मांग करेंगे।