आईपीएस सोनाली मिश्रा बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर का नेतृत्व करने वाली देश की पहली महिला आईजी बन गई हैं। उनके कंधों पर पाकिस्तान से सटी 553 किलोमीटर की सीमा की सुरक्षा का दारोमदार होगा।
यह सीमा हेरोइन और हथियारों की तस्करी के लिए कुख्यात मानी जाती है। इससे पहले सोनाली मिश्रा दिल्ली में बीएसएफ मुख्यालय में ‘जी शाखा’ के रूप में जानी जाती खुफिया शाखा का नेतृत्व कर रहीं थीं और साथ ही काफी समय तक बीएसएफ में आईजी के रूप में कश्मीर घाटी में भी तैनात रह चुकी हैं।
मध्य प्रदेश कैडर और 1993 बैच की भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी सोनाली मिश्रा जालंधर स्थित सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) पंजाब फ्रंटियर में नए आईजी के रूप में सोमवार को विधिवत रूप से पदभार संभाल लिया है। वह पहली महिला आईपीएस हैं, जिनके कंधों पर सीमा की सुरक्षा का जिम्मा होगा।
सोनाली मिश्रा की पोस्टिंग पहली बार पंजाब में हुई है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक सोनाली मिश्रा पाकिस्तान से होने वाली भारत विरोधी गतिविधियों व उनकी नापाक हरकतों को काफी बारीकी से जानती हैं और खुफिया में वह मास्टर मानी जाती हैं। पंजाब सीमा का इस्तेमाल पाकिस्तान हेरोइन तस्करी के लिए कर रहा है और सोनाली मिश्रा की तैनाती ड्रग नेक्सस को तोड़ने में फायदेमंद साबित हो सकती है।
सोमवार को पदभार ग्रहण करने के बाद सोनाली मिश्रा ने अपने मातहत अधिकारियों के साथ बैठक की और पंजाब फ्रंटियर की जानकारी हासिल की। आगामी दिनों में वह पाकिस्तान से सटी सीमा का दौरा करने की तैयारी कर रही हैं। इसके अलावा सोनाली मिश्रा ने पाकिस्तान से भेजी जाने वाली हेरोइन और उसके संवेदनशील प्वाइंट्स व सीमा पार बैठे तस्करों की बारीकी से जानकारी हासिल की है।