रूस और यूक्रेन में चल रही जंग के थमने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। इस जंग की वजह से जहां यूक्रेन के लोग परेशान हैं। वहीं सबसे ज्यादा परेशानी भारतीय छात्रों को उठानी पड़ रही है। जंग की वजह से हालात इतने खराब हो चुके हैं कि यूक्रेन में रह रहे छात्रों को खाना भी मुहैया नहीं हो पा रहा है।
छात्र ब्रेड के एक-एक पीस को तरस रहे हैं, क्योंकि हालात इतने खराब हो चुके हैं कि वहां हर चीज की कीमत आसमान छूने लगी है। इस समय यूक्रेन में 50 रुपये वाली ब्रेड 500 रुपये में मिल रही है। इसके अतिरिक्त अगर छात्र पोलैंड के बार्डर पर जाने के लिए टैक्सी लेना चाहे तो 2000 रुपये किराये वाली टैक्सी इस समय एक से सवा लाख रुपये पर मिल रही है। इतना किराया न दे पाने के कारण छात्र 15 से 20 घंटे चलकर बार्डर पहुंच रहे हैं।
भारतीय छात्रों के माता-पिता का कहना है कि हम उन्हें किसी तरह कुछ पैसे भेज रहे हैं क्योंकि उनके बैंक से पैसे निकल नहीं पा रहे हैं। यूक्रेन से अपने माता-पिता को फोन करके वहां के हालात बता रहे छात्र हाताश और डरे नजर आ रहे हैं। जालंधर के आरएस मित्तल का कहना है कि उनके रिश्तेदार फतेहगढ साहिब में रहते हैं। उनके रिश्तेदार का बेटा यूक्रेन में लैंग्वेज कोर्स करने गया है। करीब सात माह पहले यूक्रेन गए जश्नप्रीत सिंह, अजीत सिंह और गुरविंदर सिंह तीनों दोस्त हैं।
यूक्रेन में शुरू हुई जंग के बाद उन्होंने अपने पिता को फोन किया था कि यहां पर हालात खराब हैं। हम पता नहीं अब आपको फोन भी कर पाएंगे या नहीं। हम यहां से निकलने की कोशिश कर रहे हैं पर पोलैंड बार्डर तक पहुंचने के लिए टैक्सी लेनी पड़ेगी और टैक्सी वाले दो हजार रुपये किराये की जगह एक लाख से ज्यादा किराया मांग रहे हैं, जो हम नहीं दे पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रूसी सेना के साथ निपटने के लिए यूक्रेन ने अपने नागरिकों को हथियार पकड़ा दिए हैं, जिसके कारण जंग तेज हो सकती है और उनकी चिंता बढ़ती जा रही है।
बार्डर के कई इलाकों में फंसे लोगों को खाने के लाले पड़े हैं और कई इलाकों में लूटपाट शुरू हो चुकी हैं। हथियार लेकर घूमने वाले कुछ लोग कई छात्रों से पैसे भी छीन चुके हैं। सरकार की तरफ से उन्हें कोई मदद नहीं मिली है। इस कारण वहां विद्यार्थियों को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।