पठानकोट। जिले में डेंगू ने दस्तक दे दी है। तारागढ़ की रहने वाली 50 वर्षीय महिला की पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद सेहत विभाग सतर्क हो गया है। मंगलवार से सेहत विभाग जिले भर में जागरूकता अभियान शुरू करने जा रहा है।
बता दें, पिछले वर्ष सीजन के दौरान जिला भर में डेंगू के 1729 मामले सामने आए थे। जिला एपिडेमिलाजिस्ट डा. साक्षी ने बताया कि जिले में डेंगू का मामला सामने आने से सेहत विभाग सतर्क हो गया है। डेंगू का केस मिलने के तुरंत बाद उस एरिया में स्प्रे व सर्वे करवाया गया, लेकिन डेंगू के प्रसार को रोकने के लिए पिछले साल के हाई रिस्क एरिया में मंगलवार से स्प्रे किया जाएगा। साथ ही आशा वर्करों की ओर से लोगों को जागरूक किया जाएगा कि वह अपने आसपास पानी खड़ा न होने दें।
विभाग की ओर से लोगों के घरों में कूलर, गमले का भी निरीक्षण किया जाएगा, ताकि इनमें ज्यादा दिनों तक पानी खड़ा न रहे। डा. साक्षी ने बताया कि डेंगू का मच्छर खड़े व साफ पानी में पैदा होता है, इसलिए अपने आसपास के एरिया में भी पानी खड़ा न हो। डेंगू जागरूकता अभियान के दौरान पिछले वर्ष के हाई रिस्क एरिया में घरों में जाकर मच्छरों के पनपने को चेक किया जाएगा व रिपोर्ट तैयार करके अधिकारियों को सौंपी जाएगी। पिछले वर्ष जिले भर में 21 हाई रिस्क एरिया थे, जिले में 1729 केस मिले थे। इसमें शहरी एरिया में 1369 व ग्रामीण एरिया में 369 मामले सामने आए थे।
डेंगू के दौरान स्थिर नहीं रहता बुखार
डाक्टर साक्षी का कहना है कि डेंगू में तेज बुखार होता है। बुखार स्थिर नहीं होता कभी चढ़ जाता है, तो कभी उतर जाता है। सिरदर्द, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द, पेट खराब होना, उलटी आना, त्वचा पर लाल रंग के दाने निकल आना डेंगू के लक्षण है। ऐसे में सरकारी अस्पताल में टेस्ट निशुल्क किए जाते हैं, जबकि निजी लैब में 600 रुपये फीस ली जाती है। डेंगू होने की सूरत में मरीज को तरल खाद्य पदार्थ लेने की सलाह दी जाती है। लक्षणों के आधार पर दवा दी जाती है व प्लेटलेट्स कम होने पर अलग उपचार की आवश्यकता हो सकती है।
सिविल में डेंगू वार्ड तैयार
कार्यकारी एसएमओ डाक्टर सुनील चंद का कहना है कि अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से डेंगू से निपटने के लिए तैयार है। सिविल में डेंगू वार्ड तैयार है व डेंगू टेस्ट किट भी अस्पताल में आ गई है। किसी भी मरीज में डेंगू के लक्षण होने के सूरत में अस्पताल में निशुल्क टेस्ट किया जाएगा।