पंजाब से टूरिस्ट परमिट लेकर इंडो कैनेडियन बस रोजाना दिल्ली एयरपोर्ट तक दौड़ती जा रही हैं। पंजाब की कांग्रेस सरकार तो इन बसों पर मेहरबान है ही साथ ही हरियाणा की भाजपा व दिल्ली की आप सरकार भी इन बसों का पहिया रोक नहीं सकी है।
टूरिस्ट परमिट पर चलने वाली इंडो कैनेडियन बसों को नियमानुसार स्टेज कैरियर परमिट लेना अनिवार्य है लेकिन इंडो कैनेडियन बसें आराम से दिल्ली एयरपोर्ट तक जा रही हैं जबकि पंजाब सरकार की वॉल्वो बसों को दिल्ली का बस अड्डा क्रास नहीं करने दिया जा रहा है।
दिल्ली ट्रांसपोर्ट विभाग ने पंजाब की सरकारी बसों को नवंबर 2018 में दिल्ली एयरपोर्ट पर जाने से रोक दिया। हालांकि सरकारी वॉल्वो बसें काफी किफायती थी। उसका किराया महज दिल्ली एयरपोर्ट के लिए 1050 रुपये था। सरकारी बसें एयरपोर्ट से सस्ते किराए में सवारियों को लाती और ले जाती थी। इसके विपरीत प्राइवेट बस इंडो कैनेडियन को इसकी छूट दी गई।
बादल परिवार की इंडो कैनेडियन बस नियमानुसार नहीं चल सकती है। पंजाब ट्रांसपोर्ट विभाग ने दिल्ली सरकार के प्रतिनिधियों के साथ कई मीटिंग कर चुके हैं कि उनकी सरकार बस को दिल्ली एयरपोर्ट तक जाने दिया जाए, क्योंकि आम जनता 1050 रुपये के मुकाबले 2500 रुपये खर्च करने के लिए मजबूर हैं लेकिन इसका कोई लाभ नहीं हुआ।
हरियाणा से भी इंडो कैनेडियन को रोकने वाला कोई नहीं है। पंजाब सरकार की तरफ से 29 नवंबर 2019, 16 मार्च 2020, 24 सितबंर 2019, 24 फरवरी 2021 को दिल्ली के ट्रांसपोर्ट मंत्री कैलाश गलहोत को पत्र लिखा जा चुका है पर इसका संज्ञान नहीं लिया गया है। इतना ही नहीं पंजाब के नवनियुक्त ट्रांसपोर्ट मंत्री राजा वडिंग को भी दिल्ली सरकार समय नहीं दे रही है।