भाई हरमनबीर के साथ सांसद जसबीर सिंह डिंपा।
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कांग्रेस सांसद जसबीर सिंह डिंपा के भाई हरमनबीर सिंह गिल को मुक्तसर का नया एसएसपी तैनात किया गया है। इस नियुक्ति से सत्ता के गलियारों में विवाद व चर्चा शुरू हो गई है कि कैप्टन परिवार के नजदीकी माने जाने वाले अधिकारी को आप सरकार ने पुलिस कप्तान कैसे लगा दिया। हालांकि अधिकारी खुलकर बोलने के लिए तैयार नहीं हैं लेकिन सवाल उठने लगा है कि मौजूदा सरकार की ऐसी क्या मजबूरी थी कि कांग्रेसी सांसद के भाई को एसएसपी तैनात करना पड़ा। पीपीएस से प्रमोट होकर आईपीएस बनने वाले हरमनबीर सिंह गिल इससे पूर्व 7वीं बटालियन पीएपी में कमांडेंट के पद पर तैनात थे।
31 जनवरी को मुक्तसर के एसएसपी उपिंदरजीत सिंह घुम्मन सेवानिवृत्त हो गए थे, जिसके बाद से ये पद खाली था। इसका अतिरिक्त चार्ज एसएसपी फरीदकोट के पास था। 2013 में कैप्टन अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर जब केंद्र में विदेश राज्य मंत्री थीं तब हरमनबीर को डेपुटेशन पर केंद्र में भेजकर रीजनल पासपोर्ट अधिकारी नियुक्त किया गया था। उस समय पंजाब में अकाली दल की सरकार थी। परिवार की पृष्ठभूमि कांग्रेस की होने के कारण हरमनबीर गिल केंद्र में चले गए थे, जहां पर उस समय डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार थी।
2017 में पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह सीएम बने तो हरमनबीर सिंह गिल की पंजाब पुलिस में वापसी हो गई। उनको नवांशहर का एसएसपी लगाया गया और तत्कालीन इलाका विधायक अंगद सिंह के साथ उनका विवाद शिखर पर रहा। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हरमनबीर गिल फाजिल्का व मोगा के एसएसपी के पद पर भी रहे।
सीएम को 24 घंटे में जारी करनी पड़ी थी नई सूची
सीएम चन्नी के कार्यकाल संभालने के बाद अक्तूबर में हरमनबीर सिंह गिल को एसएसपी से हटाकर पीएपी भेजा गया था लेकिन 24 घंटे के भीतर ही सीएम चन्नी को हरमनबीर गिल को फाजिल्का का एसएसपी लगाकर नई सूची जारी करनी पड़ी थी। हरमनबीर गिल पीएपी में कमांडेंट के पद पर तैनात थे लेकिन बुधवार को उनको मुक्तसर का एसएसपी तैनात कर दिया गया है।