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अबोहर में ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान

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अबोहर के गांव डंगरखेड़ा में एक घर के आंगन में फैले ओले। - फोटो : ABOHAR
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कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश के बाद वीरवार शाम 4 बजे अबोहर के आसपास के गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई। इससे गेहूं, सरसों और किन्नू के बागों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने सरकार से शीघ्र खराब हुई फसलों की गिरदावरी करवाकर मुआवजा जारी करवाने की मांग की है।
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गांव डंगरखेड़ा के किसान उग्रसेन, भीमसेन, शंकर, राम लाल तथा दीवानचंद ने बताया कि वीरवार दोपहर बाद हल्की बूंदाबांदी के बीच ही उनके गांव के अलावा चूहड़ीवाला धन्ना, खुईयां सरवर, कल्लरखेड़ा, पंजाबा, गुमजाल, सैदांवाली, दानेवाला सतकोसी, मौजगढ, किल्लियांवाली पंचकोसी, बजीतपुर कट्टियांवाली, धरांगावाला, रुहेडियांवाली गांवों में भारी ओलावृष्टि हुई। बड़े-बड़े ओलों से खेत, सड़कें, गांवों की गलियां और घरों की छतों पर सफेद चादर बिछ गई। इससे सर्वाधिक नुकसान गेहूं, सरसों और किन्नू के बागों को हुआ है। लगभग पकी खड़ी सरसों की फसल ओलावृष्टि से पूरी तरह तबाह हो गई।
जिला कृषि अधिकारी मंजीत सिंह का कहना है कि क्षेत्र के कई गांवों में भारी ओलावृष्टि की सूचना मिली है। इससे फसलों को हुए नुकसान का सही आकलन दो दिन बाद ही लगाया जा सकेगा। इस नुकसान की पूरी रिपोर्ट वे जिला उपायुक्त को सौंपेंगे ताकि राजस्व विभाग की ओर से इसकी गिरदावरी करवाई जा सके।
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इधर अबोहर के विधायक अरुण नांरग ने ओलावृष्टि से किसानों के हुए नुकसान पर चिंता जताते हुए कहा कि इन क्षेत्रों के किसान तो पहले ही कर्ज में डूबे हुए हैं। प्रशासन शीघ्र ही इस मसले को गंभीरता से लेते हुए खराब हुई फसलों की गिरदावरी करवाए ताकि पीड़ित किसानों को समय पर मुआवजा राशि जारी हो सके। वे शीघ्र ही ओलावृष्टि से प्रभावित गांवों का दौरा कर पूरी रिपोर्ट सरकार को सौंपेंगे ताकि उन्हें जल्द मुआवजा मिल सके।
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