दाना मंडियों में कुछेक आढ़ती, मार्केट कमेटी व खरीद एजेंसियों के अधिकारी कथित तौर पर किसानों से ठगी और प्रदेश सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाने में लगे हैं।
आसपास के फोकल प्वाइंटों के नाम से गेट पास बनाकर शहर की मुख्य मंडियों से गेहूं उठाकर गोदामों में रख रहे हैं और मुख्य मंडी से गोदाम तक चार रुपये प्रति क्विंटल फीस लेने की के बजाय फोकल प्वाइंटों के नाम पर प्रति क्विंटल तीस से 34 रुपये वसूल कर रहे हैं। ऐसा कर प्रदेश सरकार को लाखों रुपये का चूना लगाया जा रहा है। उधर, डिप्टी डायरेक्टर फूड सप्लाई वंदना ने कहा कि इस संबंधी उन्हें कोई जानकारी नहीं थी। अब इस मामले की जांच करेंगी और आरोपी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मक्खू की मुख्य मंडी में कई खामियां देखने को मिली हैं। यहां पर आसपास के फोकल प्वाइंट जैसे गांव जोगेवाला, पीर मोहम्मद, बहिका, अमीर शाह, शीहापाड़ी इत्यादि कई मंडियों के नाम पर खरीदी गेहूं के गेट पास बनाकर मक्खू की मुख्य मंडी से गेहूं ट्रकों पर लादकर गोदामों में रखे जा रहे हैं। ऐसा कर कुछेक आढ़ती सरकार से 30 से 34 रुपये प्रति क्विंटल फीस वसूल रहे हैं जबकि नियम के मुताबिक इन्हें मुख्य मंडी के हिसाब से चार रुपये प्रति क्विंटल फीस मिलनी चाहिए। यह सब कुछ आढ़ती व संबंधित विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है।
मार्केट कमेटी के अनुसार बहक पछाड़ी में 54 फीसदी, शीहापाड़ी मंडी में 32 फीसदी, जोगेवाला मंडी में 53 फीसदी, वलाइत शाह वाला में 21 फीसदी व बाहर वाली मंडी से 23 फीसदी लिफ्टिंग हुई है। मक्खू की मंडी से पनग्रेन ने जीरो फीसदी, मार्केफेड ने छह फीसदी, पनसप ने जीरो, वेयरहाउस ने आठ फीसदी लिफ्टिंग की है। इन आंकड़ों से भी हेराफेरी साबित होती है।
सभी किसान जत्थेबंदियां करेंगी प्रदर्शन : जीरा
पंजाब कांग्रेस के किसान खेत मजदूर सेल के चेयरमैन इंद्रजीत सिंह जीरा ने कहा कि आढ़ती और अधिकारी मिलकर किसानों को लूटने के अलावा सरकार के खजाने को चूना लगाने में लगे हैं। इस घोटाले की उच्चस्तरीय जांच पड़ताल होनी चाहिए। जीरा ने कहा कि बारदाने में भी हेराफेरी की गई है जिससे किसान को नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान के हक के लिए सभी किसान जत्थेबंदियां रोष प्रदर्शन करेंगी।