जालंधर की एलपीयू में बीजेपी नेता डा. सुब्रामणयम स्वामी को सम्मानित करते चांसलर अशोक मित्तल।
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महिलाओं की समानता व उत्थान के प्रति हमें प्रतिज्ञा करनी होगी कि कभी दहेज नहीं लेंगे।
एक साथ परिश्रम करते हुए व बेहतरीन विचारों को आत्मसात करते हुए हम भारत को एक विकसित देश के रूप में देखने के कगार पर खड़े हैं। आओ हम सब मिलकर एकता व आत्म चेतना के नव भारत का निर्माण करें। इन बातें शनिवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री व हार्वर्ड के प्रोफेसर डा. सुब्रामणयम स्वामी ने कहीं। वह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में स्पीकर सीरीज माई वर्क माई लाइफ के आयोजन के दौरान विधार्थियों को संबोधन कर रहे थे।
उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि कैसे उनके विद्यार्थी जीवन में अर्थशास्त्र व मैथमैटिक्स उनके प्रिय विषय रहे। किस तरह उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी को पीएचडी के लिए ज्वाइन किया व फिर वहीं प्रोफेसर बने। वापस भारत आकर कैसे राजनीतिज्ञ व समाज-सुधारक बनें। विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए डॉ. स्वामी ने उन्हें सभी तरह के विभाजनों को त्यागने के लिए कहा और बताया कि हम सभी एक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को जीवन में चुनौतियों और जोखिमों को स्वीकार करने के लिए कहा और समस्याओं को हलों में बदलने के लिए भी जागृत किया।
अध्यापकों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि वे अपने विद्यार्थियों को इंटरैक्टिव बनाएं और उन्हें हमेशा प्रोत्साहित करें कि वह समस्याओं को सुलझाने वाली गतिविधियों में बढ़ चढ़कर भाग लें। उन्होंने अध्यापकों से कहा कि वह भारत की गुरुकुल की पद्धतियों को अपनाएं जिससे विद्यार्थियों को हमेशा ही प्रोजेक्ट पर काम करने के लिए कहा जाता था।
एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल ने कहा कि एलपीयू का समूचा समुदाय एक महान अध्यापक से बेहतरीन सीख लेकर गदगद हो उठा है। डॉ. स्वामी के जीवन के अनुभवों से एलपीयू के युवा विद्यार्थी निश्चित रूप से बेहतरीन मानव व वैश्विक नागरिक बन कर उभरेंगे।