फिरोजपुर। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने एक बयान जारी कर कहा कि केंद्र सरकार किसान आंदोलन में शहीद होने वाले किसानों और मजदूरों के परिवार को मुआवजा दे। मुआवजा देने की बात आई तो सरकार कह रही है कि उनके पास शहीदों का कोई रिकार्ड नहीं है, इसलिए वे मुआवजा क्यों दें।
पंधेर ने कहा कि उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्य योगी नाथ बयान दे रहे हैं कि किसान आंदोलन में विदेशी ताकतों का हाथ है, इस बयान की किसान जत्थेबंदी सख्त शब्दों में निंदा करती है। पंधेर ने कहा कि ऐसी बात करने वाला नेता देश का भला नहीं कर सकता। कृषि मंत्री का बयान है कि 22 फसलों की सरकारी खरीद की जा रही है। ये बयान देश को गुमराह करने वाला है। पंधेर ने कहा कि उनका आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक तीनों कृषि कानून रद्द होने के अलावा उनकी अन्य मांगें स्वीकार नहीं की जातीं। केंद्र सरकार कह रही है कि आंदोलन के दौरान शहीद होने वाले किसानों व मजदूरों का उनके पास कोई रिकार्ड नहीं है, इसलिए मुआवजा देने की बात से भाग रही है। पंधेर ने कहा कि 22 जुलाई को निकाले जाने वाले संसद मार्च संबंधी दिल्ली के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की है, किसान 22 जुलाई को रोष मार्च करेंगे।