जालंधर। सरकारी स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों के मुकाबले में सुविधाएं देने के उद्देश्य से अब शिक्षा विभाग इन सरकारी स्कूलों में पैरेंट टीचर्स मीटिंग करवा रहा है। इस पीटीएम में बच्चों के माता-पिता को बुलाकर उनसे सुझाव मांगे जा रहे हैं। जिससे सरकारी स्कूलों में ओर बेहतर सुविधाएं देकर इन्हें और बेहतर बनाया जा सके। इस मीटिंग को सफल बनाने के लिए सारे प्रबंध स्कूल प्रमुखों की तरफ से सुनिश्चित किए गए थे। इसके तहत मंगलवार को सभी प्राइमरी से लेकर सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में पेरेंट्स टीचर मीट यानि पीटीएम करवाई गई।
पीटीएम में बच्चों के माता-पिता से उनके बच्चों को स्कूल में आ रही किसी प्रकार की परेशानी के बारे में पूछा गया और उनसे सरकारी स्कूलों में ही बच्चों को दाखिल करवाने के लिए चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त शिक्षकों ने बच्चों के माता-पिता से मार्च में हुई नॉन बोर्ड कक्षाओं के नतीजों को लेकर चर्चा की। इन स्कूलों में हुई इस पीटीएम में जो सबसे अच्छी बात दिखी वह यह थी कि पीटीएम में अभिभावकों को बच्चों के रोल नंबर के हिसाब से समय देकर बुलवाया गया था। जिससे उनका समय ज्यादा न लगे व अपने काम भी कर सकें। इसके बाद स्कूल अध्यापकों ने हर एक बच्चे की परफार्मेंस पर बच्चों के अभिभावकों से चर्चा की।
पीटीएम के मकसद के बारे में प्रिंसिपल मनिंदर कौर का कहना है कि पीटीएम के जरिए जहां विद्यार्थियों की बेहतरी के लिए अभिभावकों से सुझाव लेने का अवसर मिलता है, वहीं बच्चों की कमियों को मिलकर दूर करने में सफलता भी मिलती है। पहले के सरकारी स्कूलों व मौजूदा सरकारी स्कूलों में जमीन आसमान का अंतर आ चुका है। इन स्कूलों को और बेहतर बनाने के लिए पीटीएम से लेकर ओर भी कईं तरह के प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयास का ही नतीजा है कि लोगों में अब सरकारी स्कूलों में दाखिले प्रति काफी रुझान पाया जा रहा है।