जालंधर। कुछ किसान नेताओं के पंजाब विधानसभा चुनाव लड़ने के कारण किसानों का संघर्ष थम गया है। यह बात भारतीय किसान यूनियन डल्लेवाल के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने वार्ता के दौरान कही। उन्होंने कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा ने पहले घोषणा कर दी थी कि चुनाव लड़ने वाले किसान संगठनों द्वारा गठित राजनीतिक दल संयुक्त समाज मोर्चा से उसका कोई संबंध नहीं होगा।
इन किसान नेताओं के चुनाव ने केंद्र में सत्ताधारी दल के उन राजनेताओं को यह कहने का मौका दिया कि वे पहले से ही कह रहे थे कि दिल्ली के मोर्चे के कुछ किसान राजनीतिक लाभ के संघर्ष का हिस्सा थे। किसानों के संघर्ष को फिर से शुरू करने के बारे में पूछे जाने पर डल्लेवाल ने कहा कि किसानों का संघर्ष जारी है। किसान संगठन किसानों की मांगों और केंद्र सरकार द्वारा किए गए वादों को स्थगित करने का विरोध कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रीपेड बिजली मीटर लगाने और टोल टैक्स में वृद्धि जैसे मुद्दे किसानों के संघर्ष से वास्तविक लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश है पर इसे और तेज किया जाएगा। गन्ने की बढ़ी हुई कीमत का भुगतान न करने के बारे में पूछे जाने पर जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि पंजाब सरकार गन्ने के दाम में बढ़ोतरी को बोनस के तौर पर देना चाहती है पर हम मांग करते हैं कि बढ़ी कीमत के हिसाब से ही किसानों को अदायगी की जाए।