किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने आरोप लगाया कि किसान जत्थेबंदियों की ओर से 23 और 25 अक्तूबर को केंद्र सरकार और कॉरपोरेट घरानों के पुतले फूंकने के कारण मालगाड़ियों का परिचालन बंद किया गया है। भाजपा की साजिश है कि पंजाब में वस्तुओं की कमी आने पर किसानों को बदनाम किया जाए। किसान मालगाड़ियों के सुचारू आवागमन के लिए रेल पटरियों से धरने से हटे थे, फिर क्यों मालगाड़ियां रोकेंगे। ये सब किसानों के आंदोलन को प्रभावित करने की चाल है।
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि उनका आंदोलन 34वें दिन में प्रवेश कर गया है। केंद्र सरकार ने शर्त लगा दी कि पहले पैसेंजर ट्रेनें चलने दें, उसके बाद मालगाड़ियां चलने दी जाएंगी। भाजपा के नेता ग्रेवाल बयानबाजी कर रहे हैं कि बस्ती टैंका वाली के पास रेल पटरी पर लगा धरना सोमवार को उठा लिया गया है। यह गलत है। किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने 22 अक्तूबर की शाम को ही बस्ती टैंकावाली रेल ट्रैक से धरना उठा दिया था। जब किसानों ने ट्रैक खाली किया था, उस समय रेलवे ने 175 मालगाड़ियां चला दी थी, ये रिकार्ड रेलवे के पास मौजूद है। उन्होंने कहा कि मालगाड़ियां बंद कर पंजाब के लोगों को ही नहीं परेशान किया जा रहा, इससे जम्मू-कश्मीर के लोग भी प्रभावित हो रहे हैं। केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में भी खाने-पीने की वस्तुएं भेजनी बंद कर दी हैं।