जालंधर के गांव नूरपुर स्थित महिंद्रा इंटरप्राइज में गुरुवार को लोहे के नट बनाने वाली मशीन पर काम कर रही 54 वर्षीय अर्चना कुमारी का दुपट्टा मशीन में फंस गया। मशीन ने उन्हें अपनी ओर खींच लिया और उनकी गर्दन फंसने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मशीन के पुर्जे खोलकर शव को बाहर निकाला गया।
मृतका के पति दुर्गानंद दास ने बताया कि परिवार पर कर्ज होने के कारण अर्चना ने करीब तीन महीने पहले ही फैक्टरी में नौकरी शुरू की थी। उनके तीन बच्चे हैं। एक बेटी की शादी दिल्ली में हो चुकी है जबकि दो बेटों में से एक फैक्टरी में काम करता है।
हादसे के बाद मची अफरा-तफरी
कर्मचारियों के अनुसार हादसा होते ही मशीन बंद कर दी गई। महिला को निकालने के लिए मशीन के पुर्जे खोले गए। घटना से फैक्टरी में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर थाना मकसूदां के जांच अधिकारी भूपिंदर सिंह पुलिस टीम के साथ पहुंचे और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए।
परिजनों ने सुरक्षा पर उठाए सवाल
पति ने आरोप लगाया कि फैक्टरी में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं हैं। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद फैक्टरी मालिक की ओर से समझौते के लिए दबाव बनाया जा रहा है। पुलिस अब सुरक्षा व्यवस्था और संभावित लापरवाही की जांच कर रही है। परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। फैक्टरी मालिक ने हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए परिवार के साथ खड़े रहने और हरसंभव मदद का भरोसा दिया है।