जिला बरनाला के गांव चीमा में अपनी मांगों को लेकर संघर्षरत ईटीटी अध्यापकों का संघर्ष शनिवार को सातवें दिन भी जारी रहा।
इस दौरान अध्यापकों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि 22 दिसंबर (आज) तक उनकी मांगें नहीं मानी, तो संगठन के पांच अध्यापक आत्मदाह करेंगे, जिसकी ज़िम्मेदार पंजाब सरकार की होगी।
इस संघर्ष में बीकेयू प्रदेश प्रेस सचिव दर्शन सिंह राएसर, हरविंदर सिंह बरनाला जिला प्रधान, छन्ना जिला प्रधान बीकेयू बलौर सिंह, सूबा एक्सन समिति सदस्य गगन, सुखचैन मानसा, गुरजीत सिंह उगोके, मदन फाजिल्का, अवतार फरीदकोट, कुलविंदर सिंह, सतींदर कौर, कामरेड मक्खन सिंह, मनजीत सिंह शैहना पीडब्ल्यूडी फील्ड एंड वर्कशाप यूनियन, सुरिंदर कुमार जनरल सचिव पीएस,एस ब्लाक महल कलाँ, जगराज सिंह टल्लेवाल डीटीएफ़ के जिला प्रधान, हरदीप सिंह टल्लेवाल बीकेयू उगराहां, जगतार सिंह थिंद और अमरजीत सिंह फौजी चीमा शामिल हुए।
उन्होंने कहा कि जत्थेबंदियां इस संघर्ष समिति के साथ पूरी तरह से सहयोग कर रही है। उन्होंने बताया कि इस संघर्ष में कुछ राजनेतिक नेता अध्यापकों को शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका के साथ बैठक करवाने का दावा कर रहे है।
अध्यापकों ने कहा कि वे पहले भी शिक्षा मंत्री और मुख्य मंत्री से बातचीत कर चुके हैं लेकिन उनका मसला हल नहीं हो रहा है।
इस दौरान संगठन ने पंजाब की अकाली भाजपा सरकार के खिलाफ गांव चीमां की गलियों में हाथ में कटोरे पकड़ कर भीख मांगते हुए रोष प्रदर्शन किया।
इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां, स्पेशल ट्रेनर अध्यापक यूनियन और नौजवान भारत सभा संगठन के नेता मौजूद थे।