पंजाब रोडवेज कर्मचारियों की संयुक्त एक्शन कमेटी के दिए गए प्रोग्राम के तहत वीरवार को जालंधर बस अड्डे पर कर्मचारियों ने दो घंटे प्रदर्शन किया।
यूनियन ने 12 से 2 बजे तक बस अड्डे के भीतर न तो कोई बस जाने दी और न ही बाहर आने दी। इससे यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
यूनियन ने राज्य सरकार पर उनकी मानी गई मांगों को लागू न करने का आरोप लगाया। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। एक्शन कमेटी के कनवीनर अमरीक सिंह गिल ने कहा कि पंजाब सरकार सरकारी ट्रांसपोर्ट को बंद करके, प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों को लाभ दिलाना चाहती हैं। यही कारण है कि राज्य सरकार की तरफ से रोडवेज में भर्ती नहीं की जा रही है और उनकी मंजूर मांगों को भी लागू नहीं किया जा रहा है।
गिल ने कहा कि यूनियन लगातार संघर्ष करती आ रही है लेकिन राज्य सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखा रही है। कमाई वाले रूटों पर सरकारी बसें बद कर प्राइवेट बसों को परमिट दिए जा रहे हैं। कर्मचारी सरकार की इस नीति को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।
इस मौके पर हरकेवल राम, किशन चंद, अवतार सिंह तारी, जगजीत सिंह, जगीर सिंह, हरिंदर सिंह चीमा, कुलवंत सिंह, सलविंदर कुमार और कंडक्टर यूनियन से अमरजीत सिंह, रामजी दास, रणजीत सिंह और ड्राइवर यूनियन से चरण सिंह ने धरने को संबोधित किया। नेताओं ने कहा कि अगर उनकी मांगें न मानी गईं तो वह अपने संघर्ष को तेज करेंगे।