वीरवार शाम को बिल्ली वड़ैच में प्रदेश के नामी तस्कर कुलबीर सिंह व उसके
भाई अमर सिंह की पुलिस के साथ मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में पुलिस पार्टी
की तरफ से की गई जवाबी फायरिंग से तस्कर कुलबीर सिंह के दो गोलियां लगीं।
उसे इलाज के लिए नकोदर फिर जालंधर के अस्पताल दाखिल करवाया गया है।
एसपी
हेडक्वार्टर कुलवंत सिंह हीर ने घटनास्थल का जायजा लिया और जांच की।
उन्होंने कहा कि पुलिस पार्टी ने तस्करों को घेर लिया था। तस्करों की तरफ
से फायरिंग की गई, जिसका जवाब स्पेशल स्टाफ की पुलिस पार्टी ने दिया।
तस्करों के पास से 32 बोर का नाजायज पिस्तौल बरामद किया गया है।
एसपी
कुलवंत सिंह के मुताबिक भुक्की की तस्करी के कई केसों में लिप्त कुलबीर
सिंह व उसका भाई अमर सिंह पुत्र तेजा सिंह तस्करी के कई केसों में अदालत से
भगोड़ा करार दिया जा चुका था। उस पर शाहकोट में 200 बोरी भुक्की की तस्करी
का मामला भी चल रहा था।
वीरवार को स्पेशल स्टाफ के इंचार्ज सब इंस्पेक्टर
शिव कुमार को गुप्त सूचना थी कि शाहकोट इलाके में दोनों तस्कर भाई बिल्ली
वड़ैच इलाके में घूम रहे हैं। इसके बाद पुलिस पार्टी का गठन कर दोनों को
घेर लिया गया। कुलबीर सिंह की तरफ से रिवाल्वर से फायर पुलिस पार्टी पर किए
गए, जिसके जवाब में पुलिस ने क्रास फायरिंग की। दो गोलियां कुलबीर सिंह को
जाकर लगी। इसके बाद पुलिस ने दोनों को काबू कर लिया।
एसपी कुलवंत सिंह का कहना है कि कुलबीर सिंह एक नामी तस्कर था और पुलिस लंबे समय से उसको खोज रही थी।