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मित्र कहलाने वाली पुलिस का असली चेहरा ऐसा है

Thu, 09 Jul 2015 10:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
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बहराइच। प्रदेश मुखिया सूबे की पुलिस का चेहरा और कार्यशैली बदलने का दावा कर रहे हैं लेकिन हकीकत कुछ और है।
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बहराइच की कोतवाली और थानों में पहुंचने वाले पीड़ितों की पीड़ा सुनने के बजाए पुलिस उल्टे उन पर ही बिफर पड़ती है। ऐसे में फरियादी थाने में डरा सहमा नजर आता है।

अमर उजाला ने गुरुवार को शहर कोतवाली, दरगाह थाना और कोतवाली देहात में आम आदमी की तरह पहुंचकर पुलिस के रवैये की पड़ताल की तो हकीकत चौंकाने वाली रही।

मित्र के बजाए हर कदम पर पुलिस ने दबंग की तरह व्यवहार किया। पेश है रिपोर्ट।

सीन एक, कोतवाली नगर
दीवान बोले, बदल दो चोरी की तहरीर
कोतवाली नगर में अमर उजाला रिपोर्टर ने फरियादी के रूप में प्रार्थना पत्र दिया कि उसका पर्स काट लिया गया है। पर्स में पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और तीस रुपये थे।
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इसकी तहरीर मिलते ही पास बैठे काम निपटा रहे सिविल लाइंस चौकी प्रभारी रामप्रकाश ने हिकारत भरी नजरों से देखा। दरोगा ने तहरीर दीवान को देने को कहा।

रिपोर्टर जब दीवान मोतीलाल के पास पहुंचा तो उन्होंने चोरी की तहरीर को तत्काल बदलने को कहा। बोले कि चोरी की रिपोर्ट कोतवाल के आदेश पर दर्ज होगी।

अगर राहत चाहते हो तो सामान खोने की तहरीर दे दो। मुहर लगाकर काम कर देेंगे। कोतवाली में प्रभारी निरीक्षक मौजूद नहीं थे।

सीन दो, दरगाह शरीफ थाना
सिपाही ने सुुनाई खरी खोटी
दरगाह शरीफ थाने में एक होटल से चाय पीने के दौरान मोबाइल चोरी हो जाने की रिपोर्ट दर्ज कराने की सूचना दी। थाने में बैठे दीवान मोहम्मद अली खां ने पहले ही बेरुखी से बात की।

साथ बैठे सिपाही कार्तिकेय गौड़ ने पीड़ित रिपोर्टर को ही फटकार लगा दी। सिपाही बोला अपने सामान की ही सुरक्षा करने की कूबत नहीं है।

रिपोर्ट दर्ज कराने चले आए। और भी तमाम खरी खोटी सुनाई। इसके बाद यहां भी दीवान ने मोबाइल खोने की तहरीर देने की बात कही।

जब पीड़ित रिपोर्टर ने चोरी की ही रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही तो दीवान बोला एसओ जाने, उन्हीं के पास जाओ। थाने में बैठे एसओ संजय मिश्रा ने घटना का हाल पूछते हुए नंबर मिलाना शुरू कर दिया।

एसओ ने चार बार मोबाइल मिलाने के बाद उसे सर्विलांस पर लगाने की पहल की। हालांकि, जिस होटल से मोबाइल गायब होने की सूचना दी गई।

वहां न तो एसओ ने जाने की पहल की न ही सिपाही को भेजकर जांच कराने की बात कही।

सीन तीन, कोतवाली देहात
कोतवाल को चौकी इंचार्ज का सहारा
कोतवाली देहात में रिपोर्टर जब पहुंचा तो यहां गेट पर मोगलहा गांव निवासी रशीद की पत्नी अपने दो बच्चों के साथ मिल गई।

यहां प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार बैठे काम निपटा रहे थे। महिला ने जाकर बताया कि उसके पति को बहला-फुसलाकर गांव के कुछ लोगों ने गलत संगत में पहुंचा दिया है।

अब उसके एक बच्चे को स्कूल जाने से भी दबंग रोकते हैं। रास्ते से उसे डांटकर वापस भगा दिया जाता है।

इस मामले में कोतवाल ने उसको कहा कि बेड़नापुर चौकी इंचार्ज को मौके पर जांच के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यहां महिला को तत्काल न्याय नहीं मिल सका।

एएसपी ने लगाई फटकार
तीन थानों पर फरियाद लेकर जाने के दौरान किए गए पुलिस कार्रवाई के बारे में एएसपी नगर दिनेश त्रिपाठी को पूरा वाकया बताने पर उन्होंने दरगाह थाने और कोतवाली देहात में की गई कार्रवाई को सही बताया।
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एएसपी ने सिविल लाइंस चौकी प्रभारी रामप्रकाश और दीवान मोतीलाल को बुलाकर फटकार लगाई। तत्काल केस नहीं दर्ज करने पर कोतवाल को फोन मिलाकर भी जमकर खरीखोटी सुनाई।

तीनों थानों के प्रभारी को करेंगी तलब
पुलिस अधीक्षक नेहा पांडेय ने बताया कि जिले के सभी थाना प्रभारियों को तत्काल मौके पर जाकर जांच करने के सख्त निर्देश हैं।

इसके बावजूद पीड़ित बनकर रिपोर्टर के पहुंचने पर थाने से कोई दरोगा हिला नहीं, यह काफी खेद की बात है।

एसपी ने कहा कि इस मामले में वह शहर के तीनों थानों के प्रभारियों को तलब करेंगी। उनसे जवाब भी मांगा जाएगा।
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